Maruti Suzuki Swift हमेशा से एक बड़ा नाम रहा है. लेकिन Tata Moters भी अब रुकने के मूड में नहीं है. हाल ही में लॉन्च हुई नई Tata Tiago Facelift ने इस बजट सेगमेंट में हलचल मचा दी है. अगर आप एक बेहतरीन हैचबैक खरीदने का प्लान बना रहे हैं और आपके दिमाग में स्विफ्ट चल रही है, तो आपको थोड़ा ठहरना चाहिए. टाटा टियागो फेसलिफ्ट में 5 ऐसे गजब के फीचर्स शामिल किए गए हैं, जो मारुति स्विफ्ट के नए जनरेशन मॉडल में भी देखने को नहीं मिलते हैं.

डुअल वायरलेस फोन चार्जर
Tata ने नई टियागो फेसलिफ्ट में डुअल वायरलेस फोन चार्जिंग सेटअप दिया है. इसका मतलब है कि कार की अगली सीट पर बैठे दोनों लोग एक साथ बिना किसी केबल के अपना स्मार्टफोन चार्ज कर सकते हैं. मारुति स्विफ्ट में आपको सिंगल चार्जर का ऑप्शन तो मिल सकता है, लेकिन यह डुअल सेटअप इसमें मौजूद नहीं है.

65W फास्ट टाइप-सी पोर्ट्स
लॉन्ग ड्राइव पर जाते समय गैजेट्स की बैटरी खत्म होना आम बात है. टाटा टियागो फेसलिफ्ट में दोनों रो (आगे और पीछे की सीटों) के लिए 65W के टाइप-सी फास्ट चार्जिंग पोर्ट दिए गए हैं. यह इतने पावरफुल हैं कि इनसे आप जरूरत पड़ने पर अपना लैपटॉप भी चार्ज कर सकते हैं. दूसरी तरफ, मारुति स्विफ्ट में अभी भी साधारण चार्जिंग पोर्ट्स ही मिलते हैं.

डुअल-सिलेंडर के साथ AMT CNG
टाटा मोटर्स ने CNG कारों की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है. टियागो देश की इकलौती ऐसी कार है जो ट्विन-सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ ऑटोमैटिक (AMT) गियरबॉक्स का ऑप्शन देती है. दो छोटे सिलेंडर नीचे फिट होने की वजह से कार में बूट स्पेस पूरा मिलता है. मारुति स्विफ्ट CNG में आपको मैनुअल गियरबॉक्स ही मिलेगा और बड़ा सिलेंडर होने की वजह से बूट स्पेस भी खत्म हो जाता है.

बड़ा 10.25-इंच टचस्क्रीन
कार के केबिन को मॉडर्न और प्रीमियम लुक देने में इंफोटेनमेंट सिस्टम का बड़ा रोल होता है. टाटा ने नई टियागो फेसलिफ्ट में बड़ा 10.25-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया है. इसका विजुअल और टच रिस्पॉन्स बेहद शानदार है. जब आप इसे स्विफ्ट के स्क्रीन के बगल में देखते हैं, तो टियागो का केबिन कहीं ज्यादा एडवांस और महंगे लुक वाला नजर आता है.

AMT गियरबॉक्स में पैडल शिफ्टर्स
इस फीचर ने सबको सबसे ज्यादा चौंकाया है. टाटा ने टियागो के AMT (ऑटोमैटिक) वेरिएंट के साथ पैडल शिफ्टर्स दे दिए हैं. स्टीयरिंग के पीछे मिलने वाले इन शिफ्टर्स की मदद से आप खुद गियर बदल सकते हैं. हालांकि इससे कार की परफॉर्मेंस एकदम से रेसिंग कार जैसी नहीं बनती, लेकिन ओवरटेक करते समय या पहाड़ों पर उतरते-चढ़ते समय यह बहुत काम आते हैं. मारुति स्विफ्ट के ऑटोमैटिक वेरिएंट में यह फीचर बिल्कुल नहीं मिलता है.
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