Maruti Suzuki ने गुजरात के हंसालपुर में अपने चौथे प्लांट (Plant D) से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है. इस नए प्लांट के चालू होने के साथ ही हंसालपुर फैसिलिटी की कुल सालाना उत्पादन क्षमता 7.5 लाख से बढ़कर सीधे 10 लाख यूनिट्स हो गई है. Suzuki के पूरे वैश्विक इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की क्षमता 10 लाख कारों तक पहुंची है.
हंसालपुर में नए प्लांट D की सालाना क्षमता 2.5 लाख यूनिट्स है. इस नए प्लांट D के जुड़ने के बाद मारुति सुजुकी की कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़कर 29 लाख यूनिट्स प्रति वर्ष हो गई है. कंपनी ने हंसालपुर फैसिलिटी में अब तक कुल मिलाकर ₹25,288.7 करोड़ का निवेश किया है, जिसमें से केवल प्लांट D के लिए लगभग ₹3,900 करोड़ का अनुमानित निवेश किया गया है.
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इस नए प्लांट से सबसे पहले मारुति सुजुकी की फ्लैगशिप बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) e Vitara का उत्पादन शुरू किया जा रहा है. हंसालपुर फैसिलिटी में e Vitara के अलावा कंपनी की लोकप्रिय कारें जैसे Fronx, Baleno और Swift भी बनाई जाती हैं. इसके अलावा यह प्लांट कंपनी का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट हब बन चुका है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में कुल विदेशी शिपमेंट का करीब 47 प्रतिशत हिस्सा संभालता है.
बता दें, मारुति सुजुकी ने मार्च 2024 में भारत की पहली इन-प्लांट रेलवे साइडिंग शुरू की थी. मार्च 2023 से अब तक कंपनी इस रेलवे नेटवर्क के जरिए 7.5 लाख से ज्यादा वाहन भेज चुकी है. इससे न केवल सड़कों पर ट्रैफिक कम हुआ है, बल्कि ईंधन की खपत और CO2 उत्सर्जन में भारी कमी आई है.
फरवरी 2026 में इस इन-प्लांट रेलवे साइडिंग को वेर्रा (Verra) के VCS प्रोग्राम के तहत रजिस्टर्ड होने वाला दुनिया का पहला 'मोडल शिफ्ट ट्रांसपोर्टेशन प्रोजेक्ट' का दर्जा मिला.
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