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बरेली में 'आई लव मोहम्मद' बैनर पर कैसे हुआ बवाल, यहां जानिए इसकी इनसाइड स्टोरी
उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' के बैनर और नारों को लेकर भारी बवाल मच गया. थाना कोतवाली क्षेत्र के बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास स्थित मस्जिद के बाहर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. सड़क पर उतरकर 'आई लव मोहम्मद' के अलावा 'नारा-ए-तकदीर' जैसे नारे लगाए और बैनर लहराए. भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
- सितंबर 26, 2025 23:38 pm IST
- Reported by: शुभांकर मिश्रा, Edited by: पीयूष जयजान
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तो क्या सिर्फ 5% हिंदू रह जाएंगे? कल्कि धाम पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णम ने NDTV को बताया संभल का ये सच
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दावा किया कि संभल में स्थितियां बहुत गंभीर हैं. वहां हिन्दुओं को बड़ी सुरक्षा उपलब्ध कराने की जरूरत है. योगी आदित्यनाथ प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ये भी सच है कि वहां हर व्यक्ति के चेहरे पर चिंता की लकीर है.
- अगस्त 29, 2025 23:37 pm IST
- Reported by: शुभांकर मिश्रा, Written by: मनोज शर्मा
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लड़कियां नंगी हो पैसे कमा रहीं... वायरल विवादित बयान पर साध्वी ऋतंभरा ने मांगी माफी, क्या कुछ कहा? पढ़ें
साध्वी ऋतंभरा ने कहा मेरी पीड़ा पर्वत जैसी हो जाती है तो मैं अपनों के बीच अपनी पीड़ा को बताती हूं. ये तो बहुत पुरानी बात है, जो अब वायरल हो गई है. मेरी बातों से मातृशक्ति को बुरा लगा तो मैं क्षमा मांगती हूं.
- अगस्त 02, 2025 00:04 am IST
- Reported by: शुभांकर मिश्रा, Edited by: प्रभांशु रंजन
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कचहरी: अमेरिका ने क्यों घोषित किया TRF को आतंकी संगठन और कैसे फेल हो गई पाकिस्तान की नई चाल?
TRF को आतंकी संगठन घोषित करना एक बड़ा कदम है, लेकिन यह काफी नहीं है. एक तरफ अमेरिका मानता है कि TRF लश्कर का मुखौटा है, लेकिन दूसरी तरफ वह पाकिस्तान को IMF से लोन दिलवाता है और हथियार बेचता है. यह दोहरा रवैया अब नहीं चलेगा.
- जुलाई 19, 2025 01:09 am IST
- Reported by: शुभांकर मिश्रा, Edited by: अभिषेक पारीक
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भीड़ में महिलाओं पर बुरी नजर, देखिए जब कैमरे में कैद हुए बैड टच वाले दरिंदे
पूरे भारत में कोई राज्य, शहर, इलाका, मोहल्ला या गांव ऐसा नहीं होगा, जहां भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं को गलत तरीके से छून की कोशिश ना हुई हो. भारत आज भी दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से एक है, जहां ‘पब्लिक टच’ को अपराध मानने की संस्कृति नहीं है.
- जुलाई 18, 2025 06:29 am IST
- Reported by: शुभांकर मिश्रा, Edited by: अभिषेक पारीक
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शुभांकर मिश्रा की कचहरी: बच्चों में बढ़ रहे साइलेंट हार्ट अटैक के मामले, क्या है असली वजह?
कोविड से पहले बच्चों में हार्ट अटैक की समस्या कम थी, लेकिन कोविड के बाद साइलेंट हार्ट अटैक से छोटे छोटे बच्चों की मौतें हो रही हैं. पहले मेरठ और बागपत में 7-7 साल के बच्चों की हार्ट अटैक से मौत हुई और अब राजस्थान में 9 साल की बच्ची हार्ट अटैक से मर गई.
- जुलाई 18, 2025 06:06 am IST
- Reported by: शुभांकर मिश्रा, Edited by: अभिषेक पारीक
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बिहार 17 दिन में 51 लोगों का मर्डर, अपराध की हकीकत बनाम सरकारी आंकड़े
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. 17 दिनों में 51 लोगों का मर्डर हो चुका है. हाल ही में पांच अपराधी पटना के एक अस्पताल में दाखिल होते हैं और एक वॉर्ड में भर्ती गैंगस्टर चंदन मिश्रा की गोलियों से भूनकर हत्या कर देते हैं.
- जुलाई 18, 2025 04:05 am IST
- Reported by: शुभांकर मिश्रा, Edited by: अभिषेक पारीक
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अमीरों की जेब में कानून? Pune Porsche से MLA के बेटे तक... देखें वीडियो
सवाल ये नहीं कि कानून बराबर है या नहीं. सवाल ये है कि इसे बराबर कैसे बनाया जाए? सख्ती और पारदर्शिता: पुलिस और अदालतों को हर मामले में एक जैसी सख्ती दिखानी होगी, चाहे सामने कोई नेता हो या आम आदमी.
- जुलाई 17, 2025 02:58 am IST
- Reported by: शुभांकर मिश्रा
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क्या अचानक बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामलों के लिए कोरोना वैक्सीन है ज़िम्मेदार? जानें
जब आप ज्यादा नमक खाते हैं तो आपके खून में सोडियम का स्तर बढ़ जाता है. हमारा शरीर जब सोडियम के स्तर को संतुलित रखने की कोशिश करता है तो ऐसा करने के लिए उसे ज्यादा पानी खींचना पड़ता है. जब खून की कोशिकाओं में पानी की मात्रा बढ़ने से खून की मात्रा बढ़ने लगती है तो हमारे दिल को भी पम्प करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और इस लजह से आपका ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हाई ब्लड प्रेशर से अचानक हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है.
- जुलाई 16, 2025 02:02 am IST
- Written by: शुभांकर मिश्रा
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Fauja Singh Death: सड़क हादसे में 114 वर्षीय फौजा सिंह की हुई मौत, जानें क्या कहते हैं भारत में इन हादसों के आंकड़ें
जब ट्रैफिक चालान से 2 हज़ार करोड़ रुपये का भी जुर्माना नहीं मिलता था, तब सड़क हादसों में 50 हज़ार से भी कम मौतें होती थीं लेकिन आज जब ट्रैफिक नियमों के चालान से एक साल में 12 हज़ार करोड़ रुपये की आमदनी होती है तब सड़कों हादसों में हर साल डेढ़ लाख से ज्यादा लोग मर जाते हैं.
- जुलाई 16, 2025 01:30 am IST
- Written by: शुभांकर मिश्रा