जस्टिस गुप्ता ने कहा कि जजों की नियुक्ति करने वाला कॉलेजियम सिस्टम, ऐसी एक प्रक्रिया है जिसमें सरकार बड़ी भूमिका चाहती है, यह कभी चुनावी मुद्दा नहीं रहा. ज्यादातर देशों में ऊंचे कोर्ट्स (Highest courts) के लिए जज नहीं चुने जाते हैं. यह वास्तव में कोई तर्क नहीं है. यह अपने आप में कोई तर्क नहीं है कि हम चुने जाते हैं इसलिए हम लोगों की आवाज/ इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं."