कांग्रेस और तृणमूल के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। ममता ने पांच राज्यों में होने जा रहे चुनावों में अकेले उतरने का फैसला किया है।
कोलकाता:
कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। ममता बनर्जी ने पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में अकेले उतरने का फैसला किया है। उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने साफ किया है कि इन चुनावों में उसका किसी भी दल से गठबंधन नहीं होगा।
तृणमूल कांग्रेस ने उत्तराखंड में 30, यूपी में 100 से ज्यादा और मणिपुर में 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। पार्टी पंजाब और गोवा में भी अपने बूते पर चुनाव लड़ेगी। इस बारे में दोपहर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वह उम्मीदवारों का ऐलान कर सकती हैं।
माना जा रहा है कि खासकर मणिपुर में ममता के अकेले चुनाव लड़ने से कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। कल तो तृणमूल ने यहां तक कह दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार से अलग होने के लिए कह दिए जाने के बावजूद कांग्रेस बेशर्म होकर अलग नहीं हो रही है।
तृणमूल कांग्रेस ने उत्तराखंड में 30, यूपी में 100 से ज्यादा और मणिपुर में 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। पार्टी पंजाब और गोवा में भी अपने बूते पर चुनाव लड़ेगी। इस बारे में दोपहर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वह उम्मीदवारों का ऐलान कर सकती हैं।
माना जा रहा है कि खासकर मणिपुर में ममता के अकेले चुनाव लड़ने से कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। कल तो तृणमूल ने यहां तक कह दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार से अलग होने के लिए कह दिए जाने के बावजूद कांग्रेस बेशर्म होकर अलग नहीं हो रही है।
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