
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक चुनावी रैली में कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि केंद्र और दिल्ली के इसके 'अंहकारी' शासक जनता को अपने शासन का हिसाब नहीं दे रहे हैं, लेकिन जनता चुनावों में उनसे पाई-पाई का हिसाब लेगी।
मोदी ने चुनावी सभा में कहा, कांग्रेस के अंहकारी शासक जनता को अपने काम का हिसाब नहीं दे रहे हैं...लेकिन गुजरात सरकार से हिसाब मांग रहे हैं। ऐसा करना कांग्रेस के नेताओं का फैशन बन गया है। चुनाव दिल्ली और राजस्थान में है, लेकिन जवाब गुजरात की सरकार से मांग रहे हैं।
गुजरात में कथित रूप से उनके कहने पर एक युवती की 'अवैध' जासूसी करने के मामले का सीधा उल्लेख किए बिना उन्होंने कहा कि कांग्रेस इससे पहले गुजरात चुनाव के दौरान भी उन्हें बदनाम करने के कई प्रयास कर चुकी है, लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ी। मोदी ने कहा, उन्होंने (कांग्रेस) मुझे बदनाम करने की सारी तिकड़में कर लीं, लेकिन गुजराती लोगों ने उन प्रयासों को शिकस्त दी। फेसबुक और ट्विटर के जरिये आरोप लगाए जाने के बावजूद गुजरात ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया।
शाहदरा की इस रैली में, जहां बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग रहते हैं, मोदी ने कहा, अगर बिहार और यूपी में पिछले 60 साल में विकास हुआ होता, तो क्या वहां के लोग अपना घर परिवार छोड़कर दिल्ली में काम करने आते? ओडिशा, बिहार और आंध्र प्रदेश के काफी लोग सूरत (गुजरात) में भी रहते हैं, लेकिन उसे श्रेष्ठ रख-रखाव वाले शहर का सम्मान मिला है।
मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्तमंत्री पी चिदंबरम पर निशाना साधते हुए कहा, मैं मनमोहन सिंह जी के अर्थशास्त्री होने पर कोई कमेंट नहीं करता हूं, वित्तमंत्री भी जानकार हैं, हम उनकी जानकारी को भी चैलेंज नहीं करते हैं, लेकिन इन लोगों ने देश को डुबो दिया है कि नहीं...
मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीयत गरीबों के लिए साफ नहीं है। मोदी ने कहा, कॉमनवेल्थ के घोटालों ने यमुना पार रहने वालों को कलंकित किया है। यह सरकार भ्रष्टाचार में बुरी तरह लिप्त है।
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