
दुनिया की सबसे उम्रदराज काली मादा गैंडा की 57 साल की उम्र में गोरोनगोरो क्रेटर में मौत हो गई है. तंजानियन कंजर्वेशन ने यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, गोरोनगोरो कंजर्वेशन एरिया अथॉरिटी (एनसीएए) के संरक्षण आयुक्त फ्रेडी मोंगी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि फौस्टा नाम की मादा गैंडा की शुक्रवार को मौत हो गई. उसकी मौत स्वभाविक रूप से होने का संदेह है.
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बयान में कहा गया, "रिकॉर्ड दर्शाते हैं कि फौस्टा दुनिया में किसी भी गैंडे से अधिक समय तक जीवित रही और 2016 में अपने जीवन के अंतिम तीन वर्षों के लिए अभयारण्य में रखे जाने से पहले, 54 साल से अधिक समय तक, गोरोनगोरो में रही."
बयान में कहा गया है कि राइनो पहली बार 1965 में दार एस सलाम विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक द्वारा तीन से चार साल की उम्र में गोरोनगोरो क्रेटर में देखी गई थी. बयान में कहा गया है कि मादा गैंडा का स्वास्थ्य 2016 में बिगड़ना शुरू हुआ.
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इसने कहा कि गैंडे ने अपनी आंखों की रोशनी भी खो दी थी. गैंडों की जीवन प्रत्याशा जंगल में 37 से 43 वर्ष के बीच है और वे कैप्टिविटी में 50 साल और उससे अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं