सार्वजनिक जगहों पर समझदारी से रहने और जिम्मेदारी के साथ सभ्य व्यवहार करना सिविक सेंस का एक हिस्सा होता है. लेकिन कुछ लोग ऐसी जगहों पर ऐसा व्यवहार करते हैं, जिससे दूसरों को परेशानी होती है. इंटरनेट पर वायरल हो रही एक तस्वीर इसी बात को दर्शाती है. जिसे शेयर करते हुए यूजर ने बेसिक सिविक सेंस की बात की है.
एक्स पर एक पोस्ट ने भारत में नागरिक भावना और सार्वजनिक शिष्टाचार पर बहस छेड़ दी है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों में व्यक्तिगत आचरण के बारे में चिंताओं को उजागर किया गया है. यूजर @Ravi3pathi द्वारा शेयर किए गए ट्वीट में ट्रेन के अंदर की एक तस्वीर है, जिसमें नीली सीटें दिखाई दे रही हैं.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
तस्वीर का केंद्र बिंदु एक महिला है - उसका चेहरा छिपा हुआ है - जो सीट पर लेटी हुई है और उसके पैर उसके सामने आर्मरेस्ट पर टिके हुए हैं, जो किसी दूसरे यात्री को परेशानी हो सकती है. साथ में कैप्शन में लिखा है, "भारत में बुनियादी नागरिक भावना की कमी न तो क्षेत्रीय मुद्दा है और न ही वर्ग का मुद्दा है."
The lack of basic civic sense in India is neither a regional issue nor a class issue
— रवि 🌼 ravi (@Ravi3pathi) March 31, 2025
It is simply an Indian issue pic.twitter.com/X9nVBc3Bd8
यह पोस्ट जल्द ही वायरल हो गई, जिसे 8,94,000 से ज़्यादा बार देखा गया और इस पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं. जहां कुछ यूज़र्स ने इस व्यवहार की आलोचना की, वहीं अन्य ने इसके विपरीत दृष्टिकोण साझा किए, जिससे भारत में नागरिक शिष्टाचार पर गरमागरम बहस छिड़ गई.
एक यूजर ने लिखा, "आपको यह समझना चाहिए कि आम तौर पर लोगों में नागरिक भावना की कमी होती है, चाहे वे किसी भी देश के हों. लोग असभ्य, असभ्य, आक्रामक, गंदे होते हैं और पूरी दुनिया में ऐसा करते हैं. लोग यहां-वहां कूड़ा फेंकते हैं, उसे लात मारते हैं, तोड़ते हैं, मैंने देखा है कि "अन्य" लोग खाने की ट्रे पर अपने बच्चों के मल के डायपर बदलते हैं, वे हवाई जहाज के सामान चुराते हैं और क्या-क्या नहीं. मुझे मत बताइए कि आपने "अन्य" लोगों का विमानों में दुर्व्यवहार करते हुए एक भी वीडियो नहीं देखा है." एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, "यही कारण है कि भारतीयों को हर दूसरे देश में नीची नज़र से देखा जाता है, भारतीयों का सार्वजनिक स्थानों पर बहुत खराब व्यवहार और स्वच्छता है."
तीसरे यूजर ने लिखा, "अगर आप टिकट खरीद भी लें तो भी आपको सीट का "मालिक" नहीं माना जाता. आप जो कह रहे हैं, वह सिर्फ़ खराब परवरिश और नागरिक भावना और सामाजिक शिष्टाचार की समझ की कमी को दर्शाता है. सार्वजनिक स्थानों को अपना निजी लाउंज मानना सिर्फ़ बुरा व्यवहार है." चौथे यूजर ने लिखा, "यह हर जगह है, सिर्फ़ भारत में नहीं. भारतीय दुनिया की सबसे बड़ी नस्ल, जातीयता और राष्ट्रीयता हैं." पांचवें यूजर ने कमेंट किया, "भारत में बुरा व्यवहार जीवन जीने का एक तरीका है."
ये Video भी देखें:
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं