
वाशिंगटन:
माया कैलेंडर के अनुसार इस साल 21 दिसम्बर को दुनिया खत्म हो जानी थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इस बारे में जानकार का कहना है कि वास्तव में इस दिन का एक खास महत्व था। लेकिन उस तरह नहीं, जैसा कि प्रचारित किया गया।
माया कैलेंडर के जानकार और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में प्रोफेसर डेविड स्टुअर्ट का कहना है, "माया कैलेंडर ने वास्तव में दुनिया खत्म हो जाने की कभी भविष्यवाणी नहीं की। माया कैलेंडर के अनुसार, वह तिथि एक महत्वपूर्ण चक्र पूरा होने को दर्शाता था।"
स्टुअर्ट ने इस साल की शुरुआत में ग्वाटेमाला के जंगलों में ला कोरोना के अवशेषों का अध्ययन किया था, जहां उन्होंने खुदाई से कई ऐसे पत्थर निकाले, जिन पर कुछ न कुछ खुदा था। उन्होंने 56 खुदे हुए पत्थरों का अध्ययन किया और राजनीतिक इतिहास के 200 साल को समझा।
स्टुअर्ट के अनुसार, 21 दिसम्बर को लेकर गलत अवधारणाओं के बावजूद यह समय खत्म हो जाने की भविष्यवाणी नहीं करता। उन्होंने कहा, "पत्थरों पर खुदे हुए शब्द सातवीं शताब्दी के इतिहस तथा राजनीति पर बल देते हैं।"
माया कैलेंडर के जानकार और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में प्रोफेसर डेविड स्टुअर्ट का कहना है, "माया कैलेंडर ने वास्तव में दुनिया खत्म हो जाने की कभी भविष्यवाणी नहीं की। माया कैलेंडर के अनुसार, वह तिथि एक महत्वपूर्ण चक्र पूरा होने को दर्शाता था।"
स्टुअर्ट ने इस साल की शुरुआत में ग्वाटेमाला के जंगलों में ला कोरोना के अवशेषों का अध्ययन किया था, जहां उन्होंने खुदाई से कई ऐसे पत्थर निकाले, जिन पर कुछ न कुछ खुदा था। उन्होंने 56 खुदे हुए पत्थरों का अध्ययन किया और राजनीतिक इतिहास के 200 साल को समझा।
स्टुअर्ट के अनुसार, 21 दिसम्बर को लेकर गलत अवधारणाओं के बावजूद यह समय खत्म हो जाने की भविष्यवाणी नहीं करता। उन्होंने कहा, "पत्थरों पर खुदे हुए शब्द सातवीं शताब्दी के इतिहस तथा राजनीति पर बल देते हैं।"
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