जानिए कौन है Gangubai Kathiawadi, डॉन को राखी बांधकर बन गई थीं मुंबई की 'Mafia Queen'

आलिया भट्ट (Alia Bhatt) फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी (Gangubai Kathiawadi) में दिखाई देंगी. यह फिल्म मुंबई के कमाठीपुरा (Kamathipura) में वेश्यालय की मालकिन गंगूबाई काठियावाड़ी (Gangubai Kathiawadi) के जीवन पर आधारित है.

जानिए कौन है Gangubai Kathiawadi, डॉन को राखी बांधकर बन गई थीं मुंबई की 'Mafia Queen'

कौन है Gangubai Kathiawadi? डॉन को राखी बांधकर बन गई थीं मुंबई की 'Mafia Queen'

अभिनेत्री आलिया भट्ट (Alia Bhatt) अपनी अगली फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी (Gangubai Kathiawadi) में दिखाई देंगी, जिसमें वह अलग अंदाज में नजर आएंगी. गंगूबाई काठियावाड़ी (Gangubai Kathiawadi) मुंबई (Mumbai) के कमाठीपुरा (Kamathipura) क्षेत्र में एक वेश्यालय की मालकिन गंगूबाई काठियावाड़ी (Gangubai Kathiawadi) के जीवन पर आधारित है. संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) द्वारा निर्देशित फिल्म का टीज़र बुधवार को रिलीज हुआ और दर्शकों को यह टीजर काफी पसंद आ रहा है. आलिया भट्ट (Ali Bhatt) की 'गंगूबाई काठियावाड़ी' की रिलीज डेट भी आ गयी है. फिल्म 30 जुलाई को रिलीज होगी. फिल्म हुसैन जैदी की कहानी (Mafia Queens Of Mumbai) पर आधारित है. 

अपनी पुस्तक में, ज़ैदी ने गंगूबाई को एक छोटी महिला के रूप में वर्णित किया है - जो सिर्फ पांच फीट लंबी है, जिनको कमाठीपुरा में बहुत सम्मान मिलता है.

गंगूबाई का जन्म 1940 में गुजरात के काठियावाड़ गांव में गंगा हरजीवनदास के यहां हुआ था. जब वह काफी युवा थी, तो गंगा चुपके से अपने पिता के एकाउंटेंट, रमणिक लाल से शादी करने के बाद अपने घर से भाग गई. दोनों मुंबई पहुंचे, जहां रमणिक ने उसे धोखा दिया और उसे 500 रुपये में बेच दिया.

माफिया क्वींस ऑफ मुंबई में प्रदान किए गए विवरण के अनुसार, गंगा ने अपना मूल नाम छोड़ दिया और गंगू बन गई. एक कठिन शुरुआत के बाद, गंगूबाई फिर उठी. उसको मुंबई के अंडरवर्ल्ड का साथ मिला. गंगूबाई को करीम लाला के संरक्षण में जाना जाता था - जो आज मुंबई के तीन माफिया डोनों में से एक के रूप में बदनाम है. 

ऐसा कहा जाता है कि करीम लाला ने गुंडे से रक्षा करने का गंगूबाई के वादा दिया था, जिसने गंगूबाई का दो बार बलात्कार किया था, उसके बाद गंगूबाई ने करीम लाला को राखी बांधी थी.


गंगूबाई ने कामठीपुरा में एक सेक्स वर्कर के रूप में शुरुआत की और क्षेत्र में कई वेश्यालयों का प्रबंधन किया. उसने "काठियावाड़ी" का उपनाम तब लिया जब उसने कम उम्र में वेश्यालय मैडम बनने के लिए स्थानीय 'घरवाली' के चुनाव जीते. ये चुनाव कामठीपुरा के यौनकर्मियों के बीच रैंक निर्धारित करने के लिए आयोजित किए जाते हैं.

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जैदी ने बताया कि गंगूबाई इसीलिए प्रसिद्ध थीं कि वो कभी भी महिलाओं को उनकी इच्छा के बिना सेक्स के इस व्यापार में शामिल नहीं करती थीं. यहां तक कि वो एकलौती ऐसी महिला थीं जिन्होंने अपने धंधे और पैसों से ज्यादा महिलाओं को प्राथमिकता दी.