इंटरनेट पर छाई पाकिस्तान में दहेज के खिलाफ जागरुक करने वाली यह तस्वीरें, तो लोगों ने कुछ इस तरह दिखाई नाराजगी

यूनाइटेड नेशंस एंटिटी फॉर जेंडर इक्वैलिटी और महिला सशक्तिकरण पाकिस्तान ने दहेज के खिलाफ मशहूर डिजाइनर अली ज़ीशान (designer Ali Xeeshan's) के फैशन अभियान को अपना समर्थन दिया है, लेकिन इस सहयोग को सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय मिल रही है.

इंटरनेट पर छाई पाकिस्तान में दहेज के खिलाफ जागरुक करने वाली यह तस्वीरें, तो लोगों ने कुछ इस तरह दिखाई नाराजगी

इंटरनेट पर छाई पाकिस्तान में दहेज के खिलाफ जागरुक करने वाली यह तस्वीरें

यूनाइटेड नेशंस एंटिटी फॉर जेंडर इक्वैलिटी और महिला सशक्तिकरण पाकिस्तान ने दहेज के खिलाफ मशहूर डिजाइनर अली ज़ीशान (designer Ali Xeeshan's) के फैशन अभियान को अपना समर्थन दिया है, लेकिन इस सहयोग को सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय मिल रही है. समाचार वेबसाइट डेली पाकिस्तान के अनुसार, डिजाइनर ज़ीशान का नया कलेक्शन 'नुमाईश' दहेज की सदियों पुरानी प्रथा की कड़वी वास्तविकता को उजागर करता है, और लोगों से इसके खिलाफ प्रतिज्ञा लेने का आग्रह करता है. इस संग्रह को 'पैंटीन एचयूएम ब्राइडल कॉउचर वीक 2021' (Pantene HUM Bridal Couture Week 2021) में शोकेस किया गया और संयुक्त राष्ट्र महिला पाकिस्तान के सहयोग से विकसित किया गया.

संगठन ने ऐसी तस्वीरों को शेयर करते हुए जिनका उद्देश्य दहेज के बोझ को उजागर करना है, ट्वीट किया, "यूएन महिला पाकिस्तान @ALIXEESHAN के ‘नुमाइश' दहेज के खिलाफ प्रतिज्ञा का समर्थन करता है."

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बहुत लोगों ने सहयोग और इसके पीछे के सामाजिक संदेश की सराहना की, वहीं कुछ ने फैशन डिजाइनर की आलोचना करते हुए कहा, कि महंगे कपड़े बेचते हुए दहेज के खिलाफ उनके अभियान ने उनकी ओर से पाखंड के अलावा कुछ नहीं किया.

कुछ ने महसूस किया कि पाकिस्तान के भव्य विवाह व्यवसाय में शामिल किसी को भी दहेज की संस्कृति की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है. कई लोगों ने यह भी बताया, कि दहेज की तरह, शादी के महंगे कपड़े खरीदने का बोझ भी दुल्हन के परिवार पर पड़ता है और फैशन डिजाइनर को प्रतिगामी प्रथाओं में उलझाने के लिए दोषी ठहराया.

हालांकि, ट्विटर पर कई लोगों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा, कि यह एक महत्वपूर्ण संदेश देने के लिए उत्कृष्ट दृश्यों का उपयोग करता है.


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ज़ीशान के अनुसार, नुमाईश का लक्ष्य "अपनी शिक्षा के बदले बेटियों के दहेज (जेहेज़) के लिए पैसे बचाने पर झगड़ रहे परिवारों के युग और चिंताजनक मुद्दे पर प्रकाश डालना है