
लड़की को टीचर ने उसके गलत व्यवहार के लिए डांटा था
नई दिल्ली:
टीचिंग एक सम्मानित और चुनौतीपूर्ण पेशा है. लेकिन कभी-कभी एक समय में ढेर सारे विद्यार्थियों को संभालना मुश्किल भरा भी होता है, खासकर किशोर अवस्था के छात्र-छात्राओं को. चीन में एक क्लासरूम में ऐसी घटना कैमरे में कैद हुई, जो कोई सामान्य बात नहीं है.
यह वीडियो मूल रूप से चाइनीज सोशल नेटवर्किंग साइट विबो पर पोस्ट किया गया था. इसमें एक टीचर को स्टूडेंट को पीटते हुए दिखाया गया है. लेकिन यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं थी और मामला यहीं पर खत्म नहीं होता है. वीडियो में दिखता है कि टीचर कथित रूप से खराब बर्ताव के लिए एक लड़की को डांट रही है. टीचर की बातों से लड़की झल्ला उठती है और अपने चेहरे की ओर इशारा करते हुए वह टीचर को थप्पड़ जड़ने के लिए उकसाती है.
दोनों के बीच कहासुनी बढ़ती जाती है और तैश में आकर टीचर उसे थप्पड़ मार देती है, लेकिन इस पर लड़की ने जो किया उसे देखकर कोई भी हैरान रह सकता है. लड़की भी तुरंत उस टीचर को थप्पड़ जड़ देती है. कुछ ही सेकंड में हालात और बिगड़ जाते हैं और दोनों आपस में गुत्थम-गुत्थी करने लगती हैं. इसके बाद क्लास के बाकी स्टूडेंट दौड़कर आते हैं और उन दोनों को अलग करते हैं. यह साफ नहीं है कि यह वीडियो चीन में किस जगह का है. इस वीडियो के एक वर्जन को 2 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं.
देखें यह वीडियो
सोशल मीडिया पर स्टूडेंट और टीचर की इस लड़ाई को देखकर लोग दंग रह गए. अधिकांश लोगों ने लड़की के अभद्र व्यवहार की आलोचना की, लेकिन कइयों ने टीचर को भी गलत ठहराया.
जैक जैक नामक शख्स ने लिखा, उस लड़की को तुरंत क्लास से बाहर भेज दो. यह उसका नुकसान है कि वह क्लास की पढ़ाई नहीं समझ पाई. उसे एक चेतावनी की चिट्ठी भेजो और अगर वह नहीं सुधरती है तो उसे निष्कासित कर दो. देखो तो सही कि क्या उसके माता-पिता नए स्कूल में अप्लाई करने को लेकर खुश हैं. देखो किसका नुकसान है? थप्पड़ मारने की जरूरत नहीं. टीचर ने भी गलती की.
मोना मोना ने लिखा, स्टूडेंट ने बेशक गलती की हो लेकिन टीचर को थप्पड़ मारने का कोई हक नहीं है. टीचर स्टूडेंट को यह सिखाता है कि उसका व्यवहार कैसा होना चाहिए और उसे अपने स्टूडेंट के लिए एक उदाहरण बनना चाहिए. लेकिन टीचर क्लास में एक झगड़ालू औरत की तरह बर्ताव कर रही है.
महमादली इस्मातुलोई ने लिखा, यह दूसरे स्टूडेंट के लिए अच्छा उदाहरण नहीं है. उस लड़की के माता-पिता को दोषी मानना चाहिए, थोड़ा उस टीचर को भी. उसे अपने गुस्से पर काबू पाना सीखना चाहिए. पढ़ाना कोई आसान काम नहीं है, यह बड़ी जिम्मेदारी होती है.
यूगेन वोंग ने लिखा, गुजरे जमाने में हम अपने टीचरों पर हाथ उठाने की सोच भी नहीं सकते थे. आज के बच्चों के मन में अपने से बड़ों, टीचरों और माता-पिता के प्रति कोई सम्मान नहीं बचा है! यह अमेरिका नहीं है, आप जो भी चाहें, वैसा नहीं कर सकते हैं.
यह वीडियो मूल रूप से चाइनीज सोशल नेटवर्किंग साइट विबो पर पोस्ट किया गया था. इसमें एक टीचर को स्टूडेंट को पीटते हुए दिखाया गया है. लेकिन यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं थी और मामला यहीं पर खत्म नहीं होता है. वीडियो में दिखता है कि टीचर कथित रूप से खराब बर्ताव के लिए एक लड़की को डांट रही है. टीचर की बातों से लड़की झल्ला उठती है और अपने चेहरे की ओर इशारा करते हुए वह टीचर को थप्पड़ जड़ने के लिए उकसाती है.
दोनों के बीच कहासुनी बढ़ती जाती है और तैश में आकर टीचर उसे थप्पड़ मार देती है, लेकिन इस पर लड़की ने जो किया उसे देखकर कोई भी हैरान रह सकता है. लड़की भी तुरंत उस टीचर को थप्पड़ जड़ देती है. कुछ ही सेकंड में हालात और बिगड़ जाते हैं और दोनों आपस में गुत्थम-गुत्थी करने लगती हैं. इसके बाद क्लास के बाकी स्टूडेंट दौड़कर आते हैं और उन दोनों को अलग करते हैं. यह साफ नहीं है कि यह वीडियो चीन में किस जगह का है. इस वीडियो के एक वर्जन को 2 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं.
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सोशल मीडिया पर स्टूडेंट और टीचर की इस लड़ाई को देखकर लोग दंग रह गए. अधिकांश लोगों ने लड़की के अभद्र व्यवहार की आलोचना की, लेकिन कइयों ने टीचर को भी गलत ठहराया.
जैक जैक नामक शख्स ने लिखा, उस लड़की को तुरंत क्लास से बाहर भेज दो. यह उसका नुकसान है कि वह क्लास की पढ़ाई नहीं समझ पाई. उसे एक चेतावनी की चिट्ठी भेजो और अगर वह नहीं सुधरती है तो उसे निष्कासित कर दो. देखो तो सही कि क्या उसके माता-पिता नए स्कूल में अप्लाई करने को लेकर खुश हैं. देखो किसका नुकसान है? थप्पड़ मारने की जरूरत नहीं. टीचर ने भी गलती की.
मोना मोना ने लिखा, स्टूडेंट ने बेशक गलती की हो लेकिन टीचर को थप्पड़ मारने का कोई हक नहीं है. टीचर स्टूडेंट को यह सिखाता है कि उसका व्यवहार कैसा होना चाहिए और उसे अपने स्टूडेंट के लिए एक उदाहरण बनना चाहिए. लेकिन टीचर क्लास में एक झगड़ालू औरत की तरह बर्ताव कर रही है.
महमादली इस्मातुलोई ने लिखा, यह दूसरे स्टूडेंट के लिए अच्छा उदाहरण नहीं है. उस लड़की के माता-पिता को दोषी मानना चाहिए, थोड़ा उस टीचर को भी. उसे अपने गुस्से पर काबू पाना सीखना चाहिए. पढ़ाना कोई आसान काम नहीं है, यह बड़ी जिम्मेदारी होती है.
यूगेन वोंग ने लिखा, गुजरे जमाने में हम अपने टीचरों पर हाथ उठाने की सोच भी नहीं सकते थे. आज के बच्चों के मन में अपने से बड़ों, टीचरों और माता-पिता के प्रति कोई सम्मान नहीं बचा है! यह अमेरिका नहीं है, आप जो भी चाहें, वैसा नहीं कर सकते हैं.
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