भारतीय रेलवे की प्रतिष्ठित स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है. अहमदाबाद मंडल रेलवे की विशेष टीम द्वारा की गई छापेमारी के दौरान बेस किचन से बड़ी मात्रा में समय-सीमा समाप्त (एक्सपायर्ड) खाद्य सामग्री बरामद हुई है. यात्रियों की सेहत और खाद्य सुरक्षा के साथ किए गए इस खिलवाड़ पर रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कैटरिंग ठेकेदार पर ₹10 लाख का भारी जुर्माना लगाया है.
अहमदाबाद मंडल की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
अहमदाबाद मंडल में खाद्य पदार्थों के मानकों को बनाए रखने के लिए मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश द्वारा विशेष 'रेलवे खाद्य सतर्कता बल' का गठन किया गया था. इस टीम ने अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस में भोजन की आपूर्ति करने वाले बेस किचन में औचक जांच की. जांच के दौरान अधिकारियों को यात्रियों को परोसने के लिए रखी गई म्याद पूरी कर चुकी सामग्री मिली. इसमें 369 पैकेट हल्दीराम पोहा, 984 पैकेट हल्दीराम उपमा, 24 पैकेट हल्दीराम छोले मसाला और 6 पैकेट फॉर्च्यून सूजी शामिल थे, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया.
भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर रेलवे का कड़ा रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने खाद्य सेवा प्रदाता के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की और नियमों के उल्लंघन के एवज में ₹10 लाख का दंड निर्धारित किया. रेलवे प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यात्रियों को दी जाने वाली खान-पान सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता और हाइजीन से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों को तोड़ने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त और प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी.
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