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25 साल का अनुभव, 2,000 आवेदन फिर भी नौकरी नहीं! सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी हैरान कर देगी

अमेरिका के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दावा किया है कि 25 साल का अनुभव होने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिल रही. 2,000 से ज्यादा एप्लिकेशन भेजने के बाद भी जवाब न मिलने की उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

25 साल का अनुभव, 2,000 आवेदन फिर भी नौकरी नहीं! सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी हैरान कर देगी
2000 रिज्यूमे भेजकर भी नौकरी नहीं पा सका सॉफ्टवेयर इंजीनियर

आज के समय में जहां टेक इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा अवसर देने वाला सेक्टर माना जाता है, वहीं अमेरिका के एक अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. 25 साल का अनुभव रखने वाले एंड्रयू नाम के टेक प्रोफेशनल ने दावा किया कि उन्होंने 2,000 से ज्यादा नौकरी आवेदन भेजे, लेकिन एक भी कंपनी से जवाब नहीं मिला. उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे टेक इंडस्ट्री की बदलती हकीकत बता रहे हैं.

25 साल का अनुभव भी नहीं आया काम! 

अमेरिका के विस्कॉन्सिन में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर एंड्रयू इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. एंड्रयू ने दावा किया कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए 2,000 से ज्यादा एप्लिकेशन भेजे, लेकिन उन्हें कहीं से भी जवाब नहीं मिला. एंड्रयू के पास करीब 25 साल का अनुभव है, फिर भी नौकरी न मिल पाने की वजह से वह खुद को अनहायरेबल यानी नौकरी के लायक नहीं मानने लगे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी परेशानी बताते हुए लिखा, कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर इतनी लंबी प्रोफेशनल लाइफ के बाद भी कंपनियां उन्हें क्यों नजरअंदाज कर रही हैं.

रिज्यूमे फॉर्मेट को बताया बड़ी वजह

एंड्रयू ने कहा, कि उन्हें यह मानने में मुश्किल हो रही है कि उनका 25 साल का अनुभव सिर्फ रिज्यूमे के फॉर्मेट की वजह से बेकार हो गया. उन्होंने दावा किया कि कई लोकप्रिय Applicant Tracking Systems (ATS) उनके रिज्यूमे को सही तरीके से नहीं पढ़ पा रहे हैं. एंड्रयू का कहना है कि पिछले कई सालों तक सफल बिजनेस चलाने की वजह से भी ATS उन्हें अलग तरीके से देख रहा है और शायद इसी कारण कंपनियां उन्हें शॉर्टलिस्ट नहीं कर रहीं. उन्होंने बताया कि उन्होंने दर्जनों नहीं बल्कि 100 से ज्यादा ईमेल हायरिंग मैनेजर्स को भेजे, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया.

अब रिटायरमेंट के बारे में सोचना पड़ रहा है

लगातार रिजेक्शन और जवाब न मिलने से एंड्रयू काफी परेशान नजर आए. उन्होंने कहा, कि अब उन्हें अपने भविष्य और रिटायरमेंट को लेकर चिंता होने लगी है. उन्होंने लिखा, कि यह स्थिति अब उनके जीवन स्तर और परिवार की जिम्मेदारियों को भी प्रभावित करने लगी है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह किसी को दोष नहीं दे रहे, बल्कि सिर्फ अपनी भावनाएं साझा कर रहे हैं.

सोशल मीडिया यूजर्स ने दी अलग-अलग सलाह

एंड्रयू की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें कई तरह की सलाह दी. कुछ यूजर्स ने कहा, कि उन्हें नौकरी ढूंढने की बजाय कंसल्टिंग शुरू करनी चाहिए और अपने अनुभव को दूसरी तरह से इस्तेमाल करना चाहिए. वहीं, कुछ लोगों ने नया बिजनेस शुरू करने की सलाह दी. एक यूजर ने लिखा, कि कंपनियां अब कम सैलरी में ज्यादा काम करने वाले युवा कर्मचारियों को प्राथमिकता देती हैं. वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि एंड्रयू को प्रोफेशनल रिज्यूमे कोच की मदद लेनी चाहिए ताकि उनका रिज्यूमे ATS के मुताबिक बेहतर बनाया जा सके.

बदलती टेक इंडस्ट्री पर उठे सवाल

एंड्रयू की कहानी ने टेक इंडस्ट्री में भर्ती प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है. कई लोग मानते हैं कि आज कंपनियां AI और ATS सिस्टम पर ज्यादा निर्भर हो गई हैं, जिसकी वजह से अनुभवी उम्मीदवार भी इंटरव्यू तक नहीं पहुंच पा रहे. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी कहा, कि मौजूदा समय में सिर्फ अनुभव ही नौकरी की गारंटी नहीं रह गया है, बल्कि रिज्यूमे प्रेजेंटेशन और नेटवर्किंग भी उतनी ही जरूरी हो गई है.

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

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