
लंदन:
हर रोज चीज़ के दो टुकड़े खाने से मधुमेह से बचा जा सकता है। एक नये अध्ययन में यह बात कही गई है। हालांकि वर्तमान में स्वास्थ्य संबंधी दिशा निर्देशों में कहा जाता है कि दुग्ध उत्पादों का कम सेवन करना चाहिए लेकिन इस नए अध्ययन के अनुसार नियमित रूप से चीज़ खाने से मधुमेह की बीमारी को होने से रोका जा सकता है। मधुमेह की बीमारी अक्सर अधिक मोटापे की वजह से होती है।
डेली मेल की खबर के अनुसार ब्रिटेन और नीदरलैंड के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि हर रोज चीज़ के दो टुकड़े खाने से टाइप 2 मधुमेह का खतरा 12 प्रतिशत कम हो जाता है।
मधुमेह से हृद्यघात, दौरा, अंधापन, तंत्रिका समस्याएं जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में ब्रिटेन समेत आठ यूरोपीय देशों के 16,800 स्वस्थ वयस्कों और टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित 12,400 मरीजों को शामिल किया था।
अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने हर रोज कम से कम 55 ग्राम चीज़ खाया था :लगभग दो टुकड़े: उनमें टाइप 2 मधुमेह के होने की संभावना 12 प्रतिशत कम थी। इसी तरह हर रोज 55 ग्राम दही खाने वाले लोगों में भी टाइप 2 मधुमेह की संभावना इतनी ही कम पाई गई।
सालों तक कहा जाता रहा है कि दुग्ध उत्पादों के अधिक सेवन से मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि इनमें संतृप्त वसा का ऊंचा स्तर होता है जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल से मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।
ब्रिटेन आधारित शोधकर्ता डॉक्टर इयेन फ्रेम ने कहा, ‘‘हम स्वस्थ खानपान पर जोर देते हैं, ऐसा खाना जिसमें नमक और वासा का स्तर कम हो, लेकिन इनसे बचने के लिए दुग्ध उत्पादों का कम सेवन करने की मान्यता को यह अध्ययन झुठलाता है।
डेली मेल की खबर के अनुसार ब्रिटेन और नीदरलैंड के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि हर रोज चीज़ के दो टुकड़े खाने से टाइप 2 मधुमेह का खतरा 12 प्रतिशत कम हो जाता है।
मधुमेह से हृद्यघात, दौरा, अंधापन, तंत्रिका समस्याएं जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में ब्रिटेन समेत आठ यूरोपीय देशों के 16,800 स्वस्थ वयस्कों और टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित 12,400 मरीजों को शामिल किया था।
अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने हर रोज कम से कम 55 ग्राम चीज़ खाया था :लगभग दो टुकड़े: उनमें टाइप 2 मधुमेह के होने की संभावना 12 प्रतिशत कम थी। इसी तरह हर रोज 55 ग्राम दही खाने वाले लोगों में भी टाइप 2 मधुमेह की संभावना इतनी ही कम पाई गई।
सालों तक कहा जाता रहा है कि दुग्ध उत्पादों के अधिक सेवन से मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि इनमें संतृप्त वसा का ऊंचा स्तर होता है जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल से मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।
ब्रिटेन आधारित शोधकर्ता डॉक्टर इयेन फ्रेम ने कहा, ‘‘हम स्वस्थ खानपान पर जोर देते हैं, ऐसा खाना जिसमें नमक और वासा का स्तर कम हो, लेकिन इनसे बचने के लिए दुग्ध उत्पादों का कम सेवन करने की मान्यता को यह अध्ययन झुठलाता है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं