Artificial Intelligence News: आज तक AI को भविष्य की टेक्निक माना जाता था, लेकिन अब दुनिया के दो सबसे चर्चित टेक लीडर इसे वर्तमान की हकीकत बता रहे हैं. इन दिनों OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और Tesla और X के प्रमुख एलन मस्क की AI को लेकर कही बात चर्चा में है. एक ओर जहां सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) का कहना है कि, दुनिया AI सिंगुलैरिटी (Singularity) के दौर में प्रवेश कर चुकी है. वहीं एलन मस्क (Elon Musk) ने दावा किया है कि, अगले पांच सालों में AI इंसानी समझदारी से आगे निकल सकता है. इन दोनों बयानों ने AI के भविष्य और उसके असर पर नई बहस छेड़ दी है.
आखिर क्या है AI Singularity
AI Singularity उस काल्पनिक मोड़ (Hypothetical Mode या Twist) को कहा जाता है. जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी दिमाग के बराबर या फिर उससे आगे निकल जाए. इसके बाद AI खुद को पहले से और कही ज्यादा बेहतर बनाने लगे. वो अपनी ग्रोथ को इतना फास्ट कर ले कि इंसानों के लिए उसकी स्पीड को समझना या फिर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाए. आसान भाषा में समझें तो आज AI इंसानों के ऑर्डर पर काम करता है, लेकिन AI सिंगुलैरिटी के बाद हो सकता है कि AI खुद फैसले लेने लगे, नई खोज करने लगे और अपनी योग्यता बढ़ाने में इंसानों से आगे निकल जाए. यही वजह है कि जानकार और टेक कंपनियां कई सालों से अब इस बात पर चर्चा कर रही हैं.
सैम ऑल्टमैन का सबसे बड़ा दावा

दरअसल, Sam Altman और Elon Musk के हाल ही में दिए गए बयानों ने ये सवाल फिर से खड़ा कर दिया है कि, क्या इंसान और मशीनों के रिश्ते का सबसे बड़ा मोड़ अब सामने है. सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में Relentless Podcast में बातचीत के दौरान कहा कि, 'दुनिया अब उस दौर में पहुंच चुकी है, जिसे लंबे समय से AI सिंगुलैरिटी कहा जाता रहा है.' उनके मुताबिक अब AI कई मामलों में इंसानों की योग्यता को बढ़ा रहा है और ये बदलाव धीरे-धीरे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहा है. उनका मानना है कि, ये कोई अचानक से नहीं हुआ, बल्कि ये लगातार आगे बढ़ने की एक प्रोसेस है.
एलन मस्क की चेतावनी

एलन मस्क ने The Economist को दिए अपने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि, 'अगले पांच सालों के अंदर AI इंसानों की समझदारी और अक्लमंदी से आगे निकल सकता है'. उन्होंने ये भी कहा कि, अगर वक्त रहते AI का विकास सही दिशा में कंट्रोल नहीं हुआ तो इंसानों के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं. हालांकि, एलन मस्क ने ये भी माना कि AI से साइंस, इंड्रस्टी और इकोनॉमी में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

आम लोगों पर क्या होगा इसका असर
देखा जाए तो एआई पहले से ही शिक्षा, हेल्थ, सॉफ्टवेयर, कंटेंट और बिजनेस जैसे क्षेत्रों में तेजी से इस्तेमाल हो रहा है. दुनिया भर में आज ये लोगों की लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है. जानकारों की मानें हैं तो आने वाले सालों में कई नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है, वहीं नए अवसर भी पैदा होंगे. इन सबके बीच सबसे बड़ा चैलेंज ये है कि, AI का यूज सुरक्षित, ट्रांसपेरेंट और जिम्मेदारी के साथ किया जाए. शायद यही वजह है कि, दुनियाभर में AI नियमों और निगरानी पर चर्चा लगातार तेज हो रही है, जो अब लोगों को इस दिशा में सोचने पर मजबूर कर रही है.
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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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