प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
कई लोगों के लिए सरकारी जॉब का मतलब एक ऐसी नौकरी से है जिसमें हर महीने मिलने वाली सैलरी, भत्ते, सुविधाओं और ढेर सारी छुट्टियों से है. ऐसे लोगों को लगता है कि एक बार अगर सरकारी नौकरी मिल गई ता जिंदगी मजे से कटेगी. न काम की टेंशन, न टार्गेट पूरा करने का दबाव और न ही छुट्टी को लेकर चिकचिक. लेकिन ऐसे लोग भूल जाते हैं कि हर नौकरी के अपने नियम-कानून होते हैं फिर चाहे वह सरकारी नौकरी हो या प्राइवेट. जी हां, ऐसा ही कुछ एक पुलिसवाले के साथ हुआ है जो 15 साल 217 दिन की छुट्टियां मनाकर जब वापस काम पर लौटा तो उसकी हमेशा के लिए छुट्टी कर दी गई.
गैंगरेप पीड़ित से अशोभनीय सवाल पूछने के आरोप में पुलिस अफसर सस्पेंड
जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के कोतवाली पुलिस स्टेशन में बतौर कॉन्स्टेबल तैनात बलविंदर सिंह 13 नवंबर 2001 को बिना किसी पूर्व सूना के छुट्टी पर चला गया था. जब वह 16 सालों के बाद अचानक काम पर लौटा तो पुलिस डिपार्टमेंट ने उसे नौकरी से निकाल दिया. अब 40 साल के हो चुके बलविंदर अपनी छुट्टियों की कोई ठोस वजह नहीं बता पाया. हालांकि इससे पहले पीलीभीत के पूर्व एसपी देव रंजन वर्मा ने जून में बलविंदर को काम पर लौटने की मंजूरी दे दी थी. उन्हें यह नहीं मालूम था कि वह इतने सालों से गायब था.
सिपाही से जूते के फीते बंधवाने वाले एसपी निलंबित
बलविंदर को ड्यूटी ज्वॉइन किए हुए चार महीने हो गए थे. तभी वर्तमान एसपी कलानिधि नैथानी को इस बात का पता चला. पूछताछ के दौरान सिपाही बलविंदर सिंह नौकरी से गायब रहने की कोई पुख्ता वजह नहीं बता पाया. उसने सिर्फ यही बताया कि वह बीमार था. हालांकि वह बीमारी से संबंधति कोई कागजात भी पेश नहीं कर सका.
टाइम्स ऑफ इंडिया ने एसपी नैथानी के हवाले से बताया है कि बलविंदर मुख्य रूप से पंजाब का रहने वाला है. पुलिस ड्यूटी के दौरान उसके पिता की मौत हो गई थी जिसके बाद उसे नौकरी पर रख लिया गया था. पंजाब पुलिस को बलविंदर की गतिविधियों के जांच के आदेश दिए गए हैं. अब पंजाब पुलिस इस बात की छानबीन करेगी कि इतने सालों तक बलविंदर गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल था या नहीं. गौरतलब है कि बलविंदर को छुट्टियों के दौरान सैलरी नहीं मिली थी.
VIDEO: छेड़छाड़ के आरोप में दो वरिष्ठ पुलिस अफसर सस्पेंड
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जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के कोतवाली पुलिस स्टेशन में बतौर कॉन्स्टेबल तैनात बलविंदर सिंह 13 नवंबर 2001 को बिना किसी पूर्व सूना के छुट्टी पर चला गया था. जब वह 16 सालों के बाद अचानक काम पर लौटा तो पुलिस डिपार्टमेंट ने उसे नौकरी से निकाल दिया. अब 40 साल के हो चुके बलविंदर अपनी छुट्टियों की कोई ठोस वजह नहीं बता पाया. हालांकि इससे पहले पीलीभीत के पूर्व एसपी देव रंजन वर्मा ने जून में बलविंदर को काम पर लौटने की मंजूरी दे दी थी. उन्हें यह नहीं मालूम था कि वह इतने सालों से गायब था.
सिपाही से जूते के फीते बंधवाने वाले एसपी निलंबित
बलविंदर को ड्यूटी ज्वॉइन किए हुए चार महीने हो गए थे. तभी वर्तमान एसपी कलानिधि नैथानी को इस बात का पता चला. पूछताछ के दौरान सिपाही बलविंदर सिंह नौकरी से गायब रहने की कोई पुख्ता वजह नहीं बता पाया. उसने सिर्फ यही बताया कि वह बीमार था. हालांकि वह बीमारी से संबंधति कोई कागजात भी पेश नहीं कर सका.
टाइम्स ऑफ इंडिया ने एसपी नैथानी के हवाले से बताया है कि बलविंदर मुख्य रूप से पंजाब का रहने वाला है. पुलिस ड्यूटी के दौरान उसके पिता की मौत हो गई थी जिसके बाद उसे नौकरी पर रख लिया गया था. पंजाब पुलिस को बलविंदर की गतिविधियों के जांच के आदेश दिए गए हैं. अब पंजाब पुलिस इस बात की छानबीन करेगी कि इतने सालों तक बलविंदर गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल था या नहीं. गौरतलब है कि बलविंदर को छुट्टियों के दौरान सैलरी नहीं मिली थी.
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