
नई दिल्ली:
मुंबई के रहने वाले सुशील नरसियां 1 अप्रैल, 2017 का दिन जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे. उस दिन उन्होंने मुलुंड पश्चिम स्थित अपने घर से वकोला मार्केट जाने के लिए ओला कैब बुक किया, लेकिन कैब का ड्राइवर मैप के जरिये उनका घर नहीं खोज पाया क्योंकि उसके फोन ने काम करना बंद कर दिया था.
ऐसे में सुशील उस कैब ड्राइवर की तरफ पैदल ही जाने लगे, लेकिन जब वह पिक अप प्वाइंट पर पहुंचे, तब तक ड्राइवर ने राइड कैंसिल कर दी थी. हार थककर सुशील ने दूसरी कैब बुक करने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद उनके साथ जो हुआ, वह किसी अप्रैल फूल से भी कई गुना झटके देने वाला था. वह दूसरी बार कैब इसलिए बुक नहीं कर पाए, क्योंकि उन पर 1,49,10,51,648 रुपये का बकाया दिख रहा था. अगर आपको गिनती करने में कोई दिक्कत हो रही हो तो हम बता दें कि यह रकम 149 करोड़ से भी ज्यादा है. कैब कंपनी ने सुशील के मोबाइल वैलेट से 127 रुपये की भी कटौती कर ली. वह भी सिर्फ 300 मीटर की दूरी तय करने के लिए.
सुशील ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि शुरू में मुझे लगा कि यह कोई अप्रैल फूल का मजाक है. बाद में उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये कैब कंपनी से संपर्क किया. कैब कंपनी ने उसे बताया कि यह एक तकनीकी गड़बड़ी थी. उन्होंने 149 करोड़ रुपये से अधिक की इस गड़बड़ी को दो घंटे के भीतर ठीक कर दिया और उनके मोबाइल वैलेट के पैसे भी लौटा दिए.

सोशल मीडिया पर इस बेतहाशा भारी भरकम बिल को लेकर खूब चटखारे लिए गए. फेसबुक पर एक यूजर ने लिखा, "149 करोड़??? कैब का ड्रॉप लोकेशन क्या था? प्लूटो या नेपच्युन? एक अन्य यूजर ने लिखा, चेक कीजिए कहीं उन्होंने (कैब कंपनी ने) आपको 1 अप्रैल स्पेशल तो नहीं बनाया है. हालांकि मैं उन लोगों पर कभी यकीन नहीं करूंगा.
हालांकि सुशील ने एनडीटीवी से कहा है कि उन्हें कैब कंपनी से अब कोई शिकायत नहीं है और वह उसके ऐप का इस्तेमाल जारी रखे हुए हैं.
ऐसे में सुशील उस कैब ड्राइवर की तरफ पैदल ही जाने लगे, लेकिन जब वह पिक अप प्वाइंट पर पहुंचे, तब तक ड्राइवर ने राइड कैंसिल कर दी थी. हार थककर सुशील ने दूसरी कैब बुक करने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद उनके साथ जो हुआ, वह किसी अप्रैल फूल से भी कई गुना झटके देने वाला था. वह दूसरी बार कैब इसलिए बुक नहीं कर पाए, क्योंकि उन पर 1,49,10,51,648 रुपये का बकाया दिख रहा था. अगर आपको गिनती करने में कोई दिक्कत हो रही हो तो हम बता दें कि यह रकम 149 करोड़ से भी ज्यादा है. कैब कंपनी ने सुशील के मोबाइल वैलेट से 127 रुपये की भी कटौती कर ली. वह भी सिर्फ 300 मीटर की दूरी तय करने के लिए.
सुशील ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि शुरू में मुझे लगा कि यह कोई अप्रैल फूल का मजाक है. बाद में उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये कैब कंपनी से संपर्क किया. कैब कंपनी ने उसे बताया कि यह एक तकनीकी गड़बड़ी थी. उन्होंने 149 करोड़ रुपये से अधिक की इस गड़बड़ी को दो घंटे के भीतर ठीक कर दिया और उनके मोबाइल वैलेट के पैसे भी लौटा दिए.

सोशल मीडिया पर इस बेतहाशा भारी भरकम बिल को लेकर खूब चटखारे लिए गए. फेसबुक पर एक यूजर ने लिखा, "149 करोड़??? कैब का ड्रॉप लोकेशन क्या था? प्लूटो या नेपच्युन? एक अन्य यूजर ने लिखा, चेक कीजिए कहीं उन्होंने (कैब कंपनी ने) आपको 1 अप्रैल स्पेशल तो नहीं बनाया है. हालांकि मैं उन लोगों पर कभी यकीन नहीं करूंगा.
हालांकि सुशील ने एनडीटीवी से कहा है कि उन्हें कैब कंपनी से अब कोई शिकायत नहीं है और वह उसके ऐप का इस्तेमाल जारी रखे हुए हैं.
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