
नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने मंगल ग्रह पर भूस्खलन की एक ताजा तस्वीर जारी की है, जिसमें घाटी की एक दीवार से चट्टानें खिसकती दिख रही हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि जब खड़ी ढलान से बड़े पैमाने पर मिट्टी और चट्टानें नीचे खिसकती हैं और ऊपर सीधी ढाल (स्क्रैप) छूट जाता है तो उसे भूस्खलन कहते हैं। मंगल पर भूस्खलन की यह तस्वीर 19 मार्च 2014 को मंगल टोही परिक्रमा (एमआरओ) पर लगे हाई रेज्युलूशन कैमरे (HiRISE) से ली गई है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि ये भूस्खलन अपेक्षाकृत ताजा है, क्योंकि कई चट्टाने अब भी मुख्य जमान के बाहर खड़ी हैं। इसके अलावा कई छोटे इम्पैक्ट क्रेटर लैंडस्लाइड लोब में दिखाई दे रहे हैं, हालांकि वे घाटी के चारों ओर मौजूद चट्टानों की तुलना में काफी कम और आकार में छोटे हैं।
वहीं स्क्रैप भी बाकी के टीलों की तुलना में ताजा लग रहा है- इस भी पत्थर हैं, जिसकी स्थलाकृति आसपास के धूल भरे इलाके से अलग है। भूस्खलन के उत्तर में क्लिफ पर एक निशान है। हालांकि, इसके नीचे घाटी की सतह पर कोई भूस्खलन सामग्री नहीं है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि जब खड़ी ढलान से बड़े पैमाने पर मिट्टी और चट्टानें नीचे खिसकती हैं और ऊपर सीधी ढाल (स्क्रैप) छूट जाता है तो उसे भूस्खलन कहते हैं। मंगल पर भूस्खलन की यह तस्वीर 19 मार्च 2014 को मंगल टोही परिक्रमा (एमआरओ) पर लगे हाई रेज्युलूशन कैमरे (HiRISE) से ली गई है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि ये भूस्खलन अपेक्षाकृत ताजा है, क्योंकि कई चट्टाने अब भी मुख्य जमान के बाहर खड़ी हैं। इसके अलावा कई छोटे इम्पैक्ट क्रेटर लैंडस्लाइड लोब में दिखाई दे रहे हैं, हालांकि वे घाटी के चारों ओर मौजूद चट्टानों की तुलना में काफी कम और आकार में छोटे हैं।
वहीं स्क्रैप भी बाकी के टीलों की तुलना में ताजा लग रहा है- इस भी पत्थर हैं, जिसकी स्थलाकृति आसपास के धूल भरे इलाके से अलग है। भूस्खलन के उत्तर में क्लिफ पर एक निशान है। हालांकि, इसके नीचे घाटी की सतह पर कोई भूस्खलन सामग्री नहीं है।