
https://www.youtube.com/channel/UCN0yvl_kanugV9wE1M93skg द्वारा अपलोड वीडियो का स्क्रीनशॉट
कौन कहता है कि चमत्कार नहीं होते। जब कोमा में सोई मां अपनी बच्ची की किलकारी सुनकर और उसके शरीर के संपर्क में आने के बाद होश में आ जाए, तो यह वाकई एक खूबसूरत चमत्कार ही कहा जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के नार्थ कैरोलिना में शेरी काले नामक महिला बच्ची को जन्म देने के चंद घंटे पहले पैर में मौजूद एक ब्लड-क्लॉट के खुल जाने से कोमा में चली गई थीं। तब सबको लग रहा था कि वह अब जीवित नहीं बचेंगी। हालांकि उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें होश में नहीं लाया जा सका था और परिवार तो जैसे धीरे धीरे उम्मीद ही खोता चला जा रहा था।
'स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट' ने किया कमाल...
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेली का ब्लडप्रेशर भी काफी हाई चल रहा था और हार्ट बीट भी लगातार दौड़ रही थी। शेली के पति जेरमी ने बताया कि शेली के फेफड़ों में द्रव भर जाने से ऑक्सीजन उसके दिमाग तक नहीं पहुंच रही थी। इससे खतरा हो गया था कि शैली अब जागेगी नहीं। तब नर्सिंग स्टाफ को एक थ्योरी को रिवर्स करने का विचार आया। इसके तहत बच्ची को मां के शरीर के संपर्क में लाया गया। नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि हम जानते हैं कि नवजात के लिए 'स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट' का संपर्क बहुत लाभकारी होता है और इसीलिए हमने इसे आजमाया। जेरेमी ने बच्ची रिलान को मां शैली के साथ लिटाया, लेकिन जैसे ही ऐसा किया वैसे ही बच्ची सो गई।
कुछ देर बाद वह जागी और रोने लगी। उनका कहना था कि वे मॉनिटर पर देख पा रहे थे कि अपनी बच्ची के रोने की आवाज शेली तक पहुंच रही थी। इसके बाद शेली के शरीर में हरकत हुई और कुछ दिन तक बच्ची को मां के इसी तरह से संपर्क में लाने के बाद वह धीरे धीरे कोमा से वापस आ गईं। जेरेमी काले ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक किताब लिखी है। इस घटना के साल भर पूरा हो जाने के बाद यह परिवार उसी हॉस्पिटल गया और हॉस्पिटल सदस्यों को एक बार फिर से शुक्रिया अदा किया। खुद शेली ने इस घटनाक्रम को फेसबुक पर तस्वीर समेत पोस्ट किया है।
यूट्यूब पर यह पूरी घटना और यह परिवार खूब चर्चा बटोरे हुए है। देखें यह वीडियो जिसे न्यूजटाइम अकाउंट से पोस्ट किया गया है
'स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट' ने किया कमाल...
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेली का ब्लडप्रेशर भी काफी हाई चल रहा था और हार्ट बीट भी लगातार दौड़ रही थी। शेली के पति जेरमी ने बताया कि शेली के फेफड़ों में द्रव भर जाने से ऑक्सीजन उसके दिमाग तक नहीं पहुंच रही थी। इससे खतरा हो गया था कि शैली अब जागेगी नहीं। तब नर्सिंग स्टाफ को एक थ्योरी को रिवर्स करने का विचार आया। इसके तहत बच्ची को मां के शरीर के संपर्क में लाया गया। नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि हम जानते हैं कि नवजात के लिए 'स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट' का संपर्क बहुत लाभकारी होता है और इसीलिए हमने इसे आजमाया। जेरेमी ने बच्ची रिलान को मां शैली के साथ लिटाया, लेकिन जैसे ही ऐसा किया वैसे ही बच्ची सो गई।
कुछ देर बाद वह जागी और रोने लगी। उनका कहना था कि वे मॉनिटर पर देख पा रहे थे कि अपनी बच्ची के रोने की आवाज शेली तक पहुंच रही थी। इसके बाद शेली के शरीर में हरकत हुई और कुछ दिन तक बच्ची को मां के इसी तरह से संपर्क में लाने के बाद वह धीरे धीरे कोमा से वापस आ गईं। जेरेमी काले ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक किताब लिखी है। इस घटना के साल भर पूरा हो जाने के बाद यह परिवार उसी हॉस्पिटल गया और हॉस्पिटल सदस्यों को एक बार फिर से शुक्रिया अदा किया। खुद शेली ने इस घटनाक्रम को फेसबुक पर तस्वीर समेत पोस्ट किया है।
यूट्यूब पर यह पूरी घटना और यह परिवार खूब चर्चा बटोरे हुए है। देखें यह वीडियो जिसे न्यूजटाइम अकाउंट से पोस्ट किया गया है
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