
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसे शख्स की ईमानदारी की चर्चा हो रही है, जिसने एक लावारिस लैपटॉप को उसके मालिक का पता लगाकर उसतक पहुंचा दिया. दरअसल, नाहिद (Nahid) नाम के इस ईमानदार शख्स ने मेट्रो ट्रेन में एक महिला द्वारा लैपटॉप (Laptop) छोड़े जाने पर, स्क्रीन से उसका नाम जानने के बाद उसका पता लगाया और उस तक लैपटॉप को सुरक्षित वापस पहुंचा दिया.
दोनों के बीच हुई बातचीत को महिला डेज़ी मॉरिस (Daisy Morris) द्वारा लिंक्डइन (LinkedIn) पर शेयर किया गया है, जो अपना लैपटॉप मेट्रो में छोड़ आई थी. नाहिद ने महिला की लिंक्डइन आईडी ढूंढी और उसे उसके खोए हुए लैपटॉप के बारे में मैसेज पर बताया, जिसे मॉरिस काफी समय से ढूंढकर परेशान हो रही थी.
मॉरिस ने बताया, कि उनका सारा काम उनके लैपटॉप पर ही होता है और शख्स की तारीफ करते हुए लिखा- ‘मनुष्य अविश्वसनीय होते हैं जब वे अच्छे होते हैं'. उन्होंने आगे कहा, ‘हमें दुनिया में नाहिद जैसे और लोगों की जरूरत है.'
मॉरिस ने एक पोस्ट के जरिए बताया था, कि कैसे वह आधे रास्ते चली गई थी जब उन्होंने देखा कि उनका लैपटॉप उनके पास नहीं है. फिर वह भागकर वापस स्टेशन पर गईं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. इसके बाद, वह परेशान होकर रोने लगी. ट्रेन कंडक्टर ने उन्हें एक फॉर्म दिया और कहा कि वह सात दिन बाद आकर अपने लैपटॉप के बारे में फिर से पता करें.
उन्होंने बताया, कि बिना लैपटॉप के वह अपना काम नहीं कर सकती इसलिए वह ‘दस मिनट बाद ही एक नया लैपटॉप लेने के लिए ऑक्सफोर्ड सर्कस जाने के लिए तैयार हो गई'. महिला ने कहा, कि वह सदमे में थी. हालांकि, थोड़ी देर बाद ही उनका फोन बजा और लाइन के दूसरी तरफ नाहिद ने उन्हें बताया कि उनका लैपटॉप जो गलती से शैडवेल स्टेशन पर छूट गया था, वह सुरक्षित है. वहीं, अब सोशल मीडिया पर उस शख्स की जमकर तारीफ हो रही है.
उस महिला ने कहा कि ‘जब उन्होंने नाहिद को इस बड़ी मदद के बदले कुछ देने के लिए कहा तो उसने इनकार दिया और कहा कि ये सामान्य बात है और उन्हें कुछ नहीं चाहिए'. उन्होंने आभार जताते हुए आगे कहा- “मैं ये कहानी साझा करना चाहती हूं, क्योंकि दुनिया में बहुत नकारात्मकता है और इस पूरी घटना ने मेरे दिल को पिघला दिया है.”
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