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क्या मौत के बाद भी हिल सकता है शरीर? इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह जान रह जाएंगे हैरान

क्या मौत के बाद शरीर हिल सकता है? जानिए लाजरस रिफ्लेक्स, रिगर मॉर्टिस और डिकम्पोजिशन जैसी वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण मृत शरीर में होने वाली हलचल का पूरा सच.

क्या मौत के बाद भी हिल सकता है शरीर? इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह जान रह जाएंगे हैरान
क्या मौत के बाद शरीर हिल सकता है?

Human Body After Death: अक्सर हॉरर फिल्मों में दिखाया जाता है कि मृत शरीर अचानक हिलने लगता है या बैठ जाता है. यह दृश्य भले ही डरावना लगे, लेकिन वास्तविक जीवन में भी कुछ मामलों में मृत शरीर में हलचल देखी गई है. हालांकि, इसके पीछे कोई रहस्यमय कारण नहीं, बल्कि पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रियाएं जिम्मेदार होती हैं.

लाजरस रिफ्लेक्स: जब हाथ खुद उठते दिखें

मौत के बाद शरीर में होने वाली हलचल का एक उदाहरण लाजरस साइन है. यह खासतौर पर ब्रेन-डेड मरीजों में देखा गया है. इसमें हाथ अचानक ऊपर उठते हैं, कोहनी से मुड़ते हैं और फिर छाती या गर्दन के पास गिर जाते हैं. डॉक्टरों के अनुसार, यह जीवन लौटने का संकेत नहीं होता. यह एक स्पाइनल रिफ्लेक्स है, जो मस्तिष्क नहीं बल्कि रीढ़ की हड्डी द्वारा नियंत्रित होता है. यह अक्सर वेंटिलेटर हटाने या मेडिकल टेस्ट के दौरान देखा जाता है.

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मौत के बाद शरीर क्यों हिलता है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शरीर की हलचल के पीछे कई जैविक और रासायनिक प्रक्रियाएं होती हैं...

1. मांसपेशियों की हल्की झटके 
मौत के तुरंत बाद कुछ समय तक नसों में हल्की विद्युत गतिविधि बनी रहती है. इससे मांसपेशियों में छोटे-छोटे झटके या हलचल हो सकती है.

2. रिगर मॉर्टिस (Rigor Mortis)
मौत के 5-6 घंटे बाद शरीर अकड़ने लगता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मांसपेशियों को आराम देने वाली ऊर्जा (ATP) नहीं मिलती. जब यह अवस्था 1–3 दिनों बाद खत्म होती है, तो मांसपेशियों के ढीले होने से हल्की हरकत दिखाई दे सकती है.

3. सड़न और गैस का दबाव
शरीर के सड़ने के दौरान बैक्टीरिया गैस बनाते हैं, जिससे शरीर में सूजन और दबाव पैदा होता है. इससे हाथ-पैर या शरीर की स्थिति बदल सकती है. समय के साथ ऊतक सूखने और सिकुड़ने से भी अंगों में खिंचाव और हलचल दिख सकती है.

ऑस्ट्रेलियाई अध्ययन में सामने आया सच

2019 में ऑस्ट्रेलिया की ऑस्ट्रेलियाई टैफोनामिक प्रायोगिक अनुसंधान सुविधा (AFTER) में शोधकर्ताओं ने 17 महीनों तक टाइम-लैप्स कैमरों से शवों के विघटन की प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया. शोधकर्ता एलिसन विल्सन के अनुसार, इस दौरान देखा गया कि शरीर के हाथ समय के साथ अपनी स्थिति बदलते रहे. उन्होंने बताया, कि लिगामेंट्स के सूखने और सिकुड़ने से अंग खिंचते हैं, जिससे यह हलचल होती है. विशेषज्ञों ने यह भी पाया कि शुरुआती और मध्य चरण में गैस और कीड़ों की गतिविधि भी शरीर की मूवमेंट का कारण बनती है.

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

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