
अहमदाबाद:
अहमदाबाद नगर निगम ने खुले में शौच के चलन को समाप्त करने के लिए एक अनोखी पहल करते हुए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करने पर लोगों को एक रुपया दिया जाएगा।
शहर को साफ रखने तथा खुले में शौच की समस्या पर काबू के लिए अपने प्रयासों के तहत नगर निगम ने ‘भुगतान कर इस्तेमाल करें’ सार्वजनिक शौचालयों को ‘इस्तेमाल कर भुगतान पाएं’ में बदल दिया है।
नगर निगम की स्थायी समिति ने हाल ही में इस अनोखे प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। समिति के अध्यक्ष प्रवीण पटेल ने कहा कि इस नई पहल से उम्मीदों के अनुसार परिणाम मिलेंगे।
पटेल ने कहा कि नगर में करीब 315 सार्वजनिक शौचालय हैं और हमने करीब 120 क्षेत्रों की पहचान की है, जहां सार्वजनिक शौचालयों के आसपास खुले में शौच का चलन है। शुरू में उन क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करने वालों को पैसे दिए जाएंगे।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी परेश चौधरी ने कहा कि स्थायी समिति ने योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है और इसे अगले आठ-दस दिनों में लागू कर दिया जाएगा।
शहर को साफ रखने तथा खुले में शौच की समस्या पर काबू के लिए अपने प्रयासों के तहत नगर निगम ने ‘भुगतान कर इस्तेमाल करें’ सार्वजनिक शौचालयों को ‘इस्तेमाल कर भुगतान पाएं’ में बदल दिया है।
नगर निगम की स्थायी समिति ने हाल ही में इस अनोखे प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। समिति के अध्यक्ष प्रवीण पटेल ने कहा कि इस नई पहल से उम्मीदों के अनुसार परिणाम मिलेंगे।
पटेल ने कहा कि नगर में करीब 315 सार्वजनिक शौचालय हैं और हमने करीब 120 क्षेत्रों की पहचान की है, जहां सार्वजनिक शौचालयों के आसपास खुले में शौच का चलन है। शुरू में उन क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करने वालों को पैसे दिए जाएंगे।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी परेश चौधरी ने कहा कि स्थायी समिति ने योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है और इसे अगले आठ-दस दिनों में लागू कर दिया जाएगा।