जयपुर:
मोहाली में मैदान मारने के बाद अब देशवासी फाइनल में भारत की जीत की दुआ कर रहे हैं। जयपुर शहर की चारदीवारी जिसे परकोटा कहते हैं से अश्वमेघ यज्ञ की तरह आठ घोड़ों को चार अलग-अलग दिशा में छोड़ा गया। ऐसा माना जाता है ये घोड़े अलग−अलग दिशाओं में जाकर पूरे साल सुख समृद्धि और खुशहाली फैलाते हैं। हिंदू कलेंडर के हिसाब से नए साल के आगाज पर ये कार्यक्रम किया गया। इस यज्ञ के आयोजकों को उम्मीद है कि इससे वल्र्ड कप में भारत का विजय अभियान जारी रहेगा।