भारत में अक्सर परीक्षा के नतीजों के साथ बच्चों पर दबाव, तुलना और उम्मीदों का बोझ जुड़ा होता है. लेकिन, मुंबई के एक परिवार ने इस सोच को बदलने की कोशिश की है. बेटे के 55 प्रतिशत नंबर आने पर परिवार ने उसे डांटने या निराश करने की बजाय खास अंदाज में जश्न मनाया. मार्कशीट जैसे डिजाइन वाला केक काटकर परिवार ने यह संदेश दिया कि बच्चों की खुशी और आत्मविश्वास किसी भी नंबर से ज्यादा जरूरी है.
बेटे के लिए मां की बात ने जीत लिया दिल
मुंबई के एक परिवार का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में परिवार अपने बेटे मोहम्मद जैद के 55 प्रतिशत नंबर आने की खुशी मनाता नजर आ रहा है. खास बात यह रही कि परिवार ने जैद के लिए एक ऐसा केक बनवाया, जो बिल्कुल उसकी मार्कशीट जैसा दिख रहा था.
केक पर जैद का नाम, रोल नंबर, माता-पिता के नाम और सभी विषयों के नंबर लिखे गए थे. जैद को अंग्रेजी में 57, मराठी में 44, हिंदी में 56, गणित में 59, साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 55 और सोशल साइंस में 49 नंबर मिले. कुल मिलाकर उसने 500 में से 276 अंक हासिल किए, यानी 55 प्रतिशत.
देखें Video:
परिवार ने बढ़ाया बेटे का हौसला
वीडियो में देखा जा सकता है कि परिवार के सभी लोग तालियां बजाते हुए जैद का स्वागत करते हैं. जैद भी मुस्कुराते हुए आता है और मार्कशीट डिजाइन वाला केक काटता है. सोशल मीडिया पर लोगों को यह अंदाज बेहद पसंद आया. कई यूजर्स ने कहा, कि बच्चों को नंबरों के आधार पर जज करने के बजाय उनका हौसला बढ़ाना ज्यादा जरूरी है. एक यूजर ने लिखा, 84% नंबर आने पर भी मुझे कभी इतना सम्मान और खुशी नहीं मिली. वहीं दूसरे यूजर ने कहा, मैंने 10वीं में 95% और 12वीं में 94.8% नंबर हासिल किए थे, लेकिन मेरे लिए कभी ऐसा सेलिब्रेशन नहीं हुआ.
मां की सोच ने जीता लोगों का दिल
जैद के परिवार की सदस्य रुक्सार पटेल ने वीडियो शेयर करते हुए बताया कि उनके लिए बेटे की खुशी सबसे ज्यादा मायने रखती है. उन्होंने कहा, मेरे लिए मेरे बच्चे के 55 नंबर, 95 या 85 नंबर से ज्यादा बड़े हैं. मैं उसे डांटना या बुरा महसूस कराना नहीं चाहती. मैं चाहती हूं कि वह हमेशा खुश रहे और खुद को किसी से कम न समझे. रुक्सार ने यह भी कहा- कि कई बार माता-पिता की कड़वी बातें बच्चों को अंदर तक तोड़ देती हैं और इसी वजह से कई बच्चे गलत कदम भी उठा लेते हैं.
सोशल मीडिया पर मिल रही तारीफ
सोशल मीडिया पर लोग इस परिवार की जमकर तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है, कि हर माता-पिता को बच्चों के साथ ऐसा ही व्यवहार करना चाहिए. लोगों का मानना है कि परीक्षा के नंबर जिंदगी का अंतिम सच नहीं होते, बल्कि बच्चों का आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य ज्यादा जरूरी है. यह वीडियो ऐसे समय में वायरल हुआ है, जब छात्रों के मानसिक दबाव और पढ़ाई को लेकर बढ़ती चिंता पर लगातार चर्चा हो रही है. ऐसे में मुंबई के इस परिवार का यह अनोखा जश्न लोगों को एक सकारात्मक संदेश दे रहा है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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