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This Article is From Apr 30, 2013

दूल्हे राजा देख दुल्हनियां डोली लाई है...

दूल्हे राजा देख दुल्हनियां डोली लाई है...
सीतामढ़ी: वैसे तो आम तौर पर आपने घोड़ी, कार या डोली पर सवार बैंडबाजे के साथ दूल्हे को दुल्हन के घर बारात लेकर जाते देखा या सुना होगा, परंतु बिहार के सीतामढ़ी जिले के सहियार थाना क्षेत्र में एक लड़की न केवल खुद ही बारात लेकर दूल्हे के घर पर आ धमकी, बल्कि पूरे रीति-रिवाज से दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे के साथ जीवनभर के लिए परिणय सूत्र में बंध गए। इस अनोखे विवाह में हालांकि पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि सहियारा गोट गांव निवासी रामबहादुर महतो के बेटे विजय महतो का विवाह रुन्नीसैदपुर के बरहेता गांव निवासी स्व. राम लक्ष्मण महतो की बेटी सबरी कुमारी के साथ 26 अप्रैल को होना निश्चित हुआ था।

इसी बीच, विजय को जानकारी मिली की जिस लड़की से उसका विवाह तय हुआ है वह विकलांग है। वह विवाह के दिन 26 अप्रैल को गांव से भाग गया। वर पक्ष के लोग जब बारात लेकर लड़की के दरवाजे पर नहीं पहुंचे तो कन्या पक्ष वालों को चिंता सताने लगी। इसका पता लगाने के लिए लड़की पक्ष के लोग लड़के के गांव तक पहुंच गए, तब उन्हें लड़का विजय के भाग जाने का पता चला।

लड़की पक्ष के लोग तत्काल सहियारा थाना पहुंच पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी और थानाध्यक्ष रतन यादव से विवाह करा देने की गुहार लगाई। थानाध्यक्ष ने इस सामाजिक मामले पर पहल करते हुए पहले लड़के वालों को थाना पर बुलाया और पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान लड़का विजय को भी थाने में बुलाया गया।

पुलिस के सामने लड़का थाना परिसर में ही विवाह करने को राजी हुआ, परंतु कन्या पक्ष वाले शनिवार को विवाह करने के लिए राजी हुए और बारात लेकर आने की बात कही। परंतु लड़की पक्ष वाले शनिवार को लड़की लेकर थाना नहीं पहुंचे। लड़की वाले लड़के वालों को बारात लड़की के घर लाने की जिद पर अड़े थे जबकि विजय किसी हाल में लड़की के घर विवाह के लिए जाने को राजी नहीं था।

इधर, थानाध्यक्ष की मेहनत रंग लाई और सोमवार की शाम लड़की सबरी ने ही बैंडबाजा के साथ बारात लेकर दूल्हे के द्वार पर पहुंच गई। लड़की जब बारात लेकर पहुंची तब थाना परिसर के नजदीक राम जानकी मंदिर में रात को पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों का विवाह संपन्न हुआ।

विवाह के बाद पति-पत्नी बने विजय और सबरी सहित दोनों के परिजन खुश हैं। इस मौके पर दोनों गांव के दर्जनों लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिए और अनेक उपहार भी दिए।

थानाध्यक्ष रतन कहते हैं कि दोनों पक्ष के लोग इस विवाह से खुश हैं। वे कहते हैं कि लड़के को कुछ गलतफहमी हो गई थी, जिसे दूर कर दिया गया और टूट रहा रिश्ता जोड़ दिया गया।

मंदिर से सबरी अपने जीवनसाथी विजय के साथ ससुराल रवाना हो गई जबकि उसके साथ आई बारात वापस अपने गांव चली गई।

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