
प्रतीकात्मक तस्वीर
रायपुर/महासमुंद:
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओडिशा से बुलाए गए बैगाओं के एक दल ने सांप की जहर से मृत एक अधेड़ को तंत्र-मंत्र से जिंदा करने का असफल प्रयास किया। यहां दिलचस्प है कि यह सब पुलिस और डॉक्टरों की मौजूदगी में हुआ।
करीब आधा दर्जन बैगा मृत व्यक्ति को तंत्र-मंत्र से जिंदा करने की कोशिश में लगे रहे। यह नजारा देखने के लिए शहर के लोग भी बड़ी संख्या में अस्पताल में जुट गए।
सूचना मिलने पर कुछ मीडियाकर्मी जब मौके पर पहुंचे तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जैसे सांप सूंघ गया और तंत्र-मंत्र का चमत्कार दिखाकर मृत व्यक्ति को जिंदा करने की कोशिश में लगे बैगा (तांत्रिक) मौके से फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्राम परकोम (नर्रा) निवासी खेमलाल कुर्रे (45) की सर्पदंश से मौत हो गई थी, जिसे बैगा झाड़-फूंक से पुनर्जीवित करने का दावा कर रहे थे।
गांव वालों ने बताया कि खेमलाल कुर्रे बीते कुछ समय से अपने ससुराल ग्राम ठेलकोबेड़ा (खरियार रोड) में रहकर रोजी-मजदूरी करता था। गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब दो बजे वह शौच के लिए ठेलकोबेड़ा के पास के मैदान में गया था, तभी किसी जहरीले सांप ने उसे डस लिया। ससुराल के लोगों ने उसका आसपास के बैगाओं से उपचार कराया, मगर हालत बिगड़ती ही चली गई। अंत में सुबह 5 बजे उसे बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसी बीच मृतक के ससुर ने नाड़ी परीक्षण कर शरीर गरम होने की बात कही और मोबाइल से संपर्क कर अपने परिजनों के जरिये ओडिशा से आधा दर्जन बैगाओं के दल को अस्पताल में बुला लिया। पुलिस और अस्पताल के डॉक्टरों की मौजूदगी में झाड़-फूंक का सिलसिला शुरू हो गया। दो-तीन घंटे तक यह क्रम चलता रहा। जब शहर के नागरिकों को इसकी जानकारी मिली तो अस्पताल में मजमा लगने लगा। कुछ मीडियाकर्मी भी वहां पहुंचे, उन्हें देखते ही बैगा वहां से खिसक लिए। आखिरकार पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
करीब आधा दर्जन बैगा मृत व्यक्ति को तंत्र-मंत्र से जिंदा करने की कोशिश में लगे रहे। यह नजारा देखने के लिए शहर के लोग भी बड़ी संख्या में अस्पताल में जुट गए।
सूचना मिलने पर कुछ मीडियाकर्मी जब मौके पर पहुंचे तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जैसे सांप सूंघ गया और तंत्र-मंत्र का चमत्कार दिखाकर मृत व्यक्ति को जिंदा करने की कोशिश में लगे बैगा (तांत्रिक) मौके से फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्राम परकोम (नर्रा) निवासी खेमलाल कुर्रे (45) की सर्पदंश से मौत हो गई थी, जिसे बैगा झाड़-फूंक से पुनर्जीवित करने का दावा कर रहे थे।
गांव वालों ने बताया कि खेमलाल कुर्रे बीते कुछ समय से अपने ससुराल ग्राम ठेलकोबेड़ा (खरियार रोड) में रहकर रोजी-मजदूरी करता था। गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब दो बजे वह शौच के लिए ठेलकोबेड़ा के पास के मैदान में गया था, तभी किसी जहरीले सांप ने उसे डस लिया। ससुराल के लोगों ने उसका आसपास के बैगाओं से उपचार कराया, मगर हालत बिगड़ती ही चली गई। अंत में सुबह 5 बजे उसे बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसी बीच मृतक के ससुर ने नाड़ी परीक्षण कर शरीर गरम होने की बात कही और मोबाइल से संपर्क कर अपने परिजनों के जरिये ओडिशा से आधा दर्जन बैगाओं के दल को अस्पताल में बुला लिया। पुलिस और अस्पताल के डॉक्टरों की मौजूदगी में झाड़-फूंक का सिलसिला शुरू हो गया। दो-तीन घंटे तक यह क्रम चलता रहा। जब शहर के नागरिकों को इसकी जानकारी मिली तो अस्पताल में मजमा लगने लगा। कुछ मीडियाकर्मी भी वहां पहुंचे, उन्हें देखते ही बैगा वहां से खिसक लिए। आखिरकार पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
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