
प्रतीकात्मक तस्वीर
क्या आप कभी सोच सकते हैं कि एक पिता अपने बच्चों को सिर्फ इसलिए घर के अंदर सालोंसाल कैद करके रखे क्योंकि उसे डर हो कि कहीं उसके बच्चे बिगड़ न जाएं? न्यूयॉर्क में एक पिता ने अपने बच्चों को घर के अंदर कैद करके रखा और वह भी पूरे 14 साल तक।
दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक, न्यू यॉर्क में ऑस्कर नामक व्यक्ति ने अपने बच्चों को 14 साल तक फ्लैट के अंदर रखा। 14 साल तक यह फ्लैट ही पूरी दुनिया थी। कुछ हजार फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की डीवीडी के जरिए बाहरी दुनिया को जानते थे वे लोग।
खबर के मुताबिक, छहों लड़कों के नाम हैं मुकुंद, गोविंदा, भगवान, नारायण, जगदीश और कृष्णा। इस परिवार में उनकी एक बहन और मां सूसन भी थीं। ऑस्कर कभी भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े एक संगठन का सदस्य थे। लिहाजा बच्चों के ये नाम रखे। ऑस्कर को लगता था कि बाहरी दुनिया के संपर्क में आने से उसके बच्चे बरबाद हो जाएंगे। इसलिए उसने इन्हें न कभी स्कूल भेजा, न ही अकेले बाहर जाने दिया। घर की एक ही चाभी होती थी जो ऑस्कर के पास रहती थी। साल में कभी-कभार ही ऑस्कर बच्चों को लेकर बाहर जाते, वह भी केवल ग्रह-दशा देखकर। यहां तक कि बच्चों को तीन कमरों के फ्लैट में एक से दूसरे कमरे में जाने के लिए भी इजाजत लेनी होती थी। मां सूसन नौकरी करती और घर पर ही बच्चों को पढ़ाती।
इसके अलावा ऑस्कर ने पांच हजार से ज्यादा फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की डीवीडी जमा कर रखीं थीं। सारे भाई इन्हीं से दुनिया को समझा करते थे। सभी भाइयों में मुंकुद सबसे तेज था। उसे बैटमैन की फिल्में काफी पसंद थी। बैटमैन से ही प्रेरणा लेकर पांच साल पहले, एक दिन मुकुंद दुनिया देखने की चाह में खिड़की फांदकर फरार हो गया। उस वक्त ऑस्कर सभी को घर में लॉक कर बाजार गए हुए थे। न्यूयॉर्क की सड़कों पर अकेले दो दिन बिताने के बाद वह वापस घर पहुंचा। ऑस्कर उसके कदम से भौचक्का रह गया। उसने मुकुंद को काफी फटकारा और डराया लेकिन सब बेकार गया।
जब ऑस्कर ने दोबारा परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश की तो सभी ने घर से भाग जाने की धमकी दे डाली। इसके बाद सभी भाइयों ने धीरे-धीरे बाहर निकलना शुरू किया और आजादी का स्वाद चखा। इसी दौरान फिल्ममेकर क्रिस्टल मोस्ले से इनकी मुलाकात हुई। क्रिस्टल की बनाई डॉक्यूमेंट्री 'द वोल्फपैक' से इस परिवार की कहानी सामने आई है।
दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक, न्यू यॉर्क में ऑस्कर नामक व्यक्ति ने अपने बच्चों को 14 साल तक फ्लैट के अंदर रखा। 14 साल तक यह फ्लैट ही पूरी दुनिया थी। कुछ हजार फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की डीवीडी के जरिए बाहरी दुनिया को जानते थे वे लोग।
खबर के मुताबिक, छहों लड़कों के नाम हैं मुकुंद, गोविंदा, भगवान, नारायण, जगदीश और कृष्णा। इस परिवार में उनकी एक बहन और मां सूसन भी थीं। ऑस्कर कभी भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े एक संगठन का सदस्य थे। लिहाजा बच्चों के ये नाम रखे। ऑस्कर को लगता था कि बाहरी दुनिया के संपर्क में आने से उसके बच्चे बरबाद हो जाएंगे। इसलिए उसने इन्हें न कभी स्कूल भेजा, न ही अकेले बाहर जाने दिया। घर की एक ही चाभी होती थी जो ऑस्कर के पास रहती थी। साल में कभी-कभार ही ऑस्कर बच्चों को लेकर बाहर जाते, वह भी केवल ग्रह-दशा देखकर। यहां तक कि बच्चों को तीन कमरों के फ्लैट में एक से दूसरे कमरे में जाने के लिए भी इजाजत लेनी होती थी। मां सूसन नौकरी करती और घर पर ही बच्चों को पढ़ाती।
इसके अलावा ऑस्कर ने पांच हजार से ज्यादा फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की डीवीडी जमा कर रखीं थीं। सारे भाई इन्हीं से दुनिया को समझा करते थे। सभी भाइयों में मुंकुद सबसे तेज था। उसे बैटमैन की फिल्में काफी पसंद थी। बैटमैन से ही प्रेरणा लेकर पांच साल पहले, एक दिन मुकुंद दुनिया देखने की चाह में खिड़की फांदकर फरार हो गया। उस वक्त ऑस्कर सभी को घर में लॉक कर बाजार गए हुए थे। न्यूयॉर्क की सड़कों पर अकेले दो दिन बिताने के बाद वह वापस घर पहुंचा। ऑस्कर उसके कदम से भौचक्का रह गया। उसने मुकुंद को काफी फटकारा और डराया लेकिन सब बेकार गया।
जब ऑस्कर ने दोबारा परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश की तो सभी ने घर से भाग जाने की धमकी दे डाली। इसके बाद सभी भाइयों ने धीरे-धीरे बाहर निकलना शुरू किया और आजादी का स्वाद चखा। इसी दौरान फिल्ममेकर क्रिस्टल मोस्ले से इनकी मुलाकात हुई। क्रिस्टल की बनाई डॉक्यूमेंट्री 'द वोल्फपैक' से इस परिवार की कहानी सामने आई है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं