
दुल्हन का लहंगा (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
हर एक की ज़िंदगी में शादी का दिन बेहद खास होता है. खासकर दुल्हन के लिए तो यह दिन कुछ ज़्यादा ही स्पेशल होता है. भला हो भी क्यों न, यही तो वह दिन होता है जब सारे लोग बेसब्री से उसका इंतज़ार करते हैं और इस दिन सबकुछ पर्फक्ट होना चाहिए. कोई भी गड़बड़ किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं. न सिर्फ घरवाले महीनों पहले से शादी की तैयारियों में बिजी हो जाते हैं बल्कि होने वाली दुल्हन के ऊपर भी कई जिम्मेदारियों होती हैं. गहने से लेकर लहंगे तक सबकुछ पर्फेक्ट होना चाहिए. कहते हैं शादी की तैयारियां कभी पूरी नहीं होती. आखिरी समय तक भी कुछ न कुछ कमी रह ही जाती है. छोटे-मोटे काम न भी हुए हों तो चलता है लेकिन कोई बड़ी गड़बड़ शादी का पूरा मजा किरकिरा कर देती है. और अगर लहंगे को लेकर कोई प्रॉब्लम हो जाए तो फिर पूछिए ही मत कितनी शर्मिंदगी उठानी पड़ती है.
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ऐसा ही कुछ हुआ दिल्ली की एक दुल्हन के साथ. मामला साल 2008 का है. दरअसल, लड़की लहंगे की फाइनल डिलिवरी से पहले ट्रायल के लिए गई थी. लहंगा दो इंच छोटा था और उसकी गोलाई भी ठीक नहीं थी. उसने लहंगे की खामियां चांदनी चौक के उस ब्राइडल स्टूडियो को बताईं थीं जहां से उसने लहंगा खरीदा था. स्टूडियो ने उससे वादा किया वो लहंगा ठीक कर देंगे. बाद में जब लहंगा आया तो लड़की ने यह सोचकर कि सबकुछ ठीक ही होगा लहंगा ट्राई ही नहीं किया. लेकिन शादी के दिन जब उसने लहंगा पहना तो वो तब भी दो इंच छोटा ही था. लड़की ने दो इंच छोटे लहंगे में ही सात फेरे लिए.
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बाद में जब लड़की फिर से स्टूडियो गई तो वहां के मैनेजर ने यह कहते हुए लहंगा रख लिया कि स्टाफ की कमी है और काम ज्यादा है. इसके बाद जब लहंगा वापस आया तो उसमें ज्वॉइंट लगा था. ज्वॉइंट इस तरह लगाया गया था कि कोई भी देखकर समझ जाए कि लहंगे के साथ क्या हुआ है. लहंगा पहनने लायक ही नहीं बचा था. अब लड़की अपना धैर्य खो चुकी थी. शिकायत करने पर स्टाफ ने उसके बदतमीजी की और गालियां भी दीं.
लड़की ने हिम्मत नहीं हारी और उसने कंज्यूमर डिपार्टमेंट में शिकायत कर दी. अब आठ साल बाद ब्राइडिल स्टूडियो को लहंगे की पूरी कीमत यानी 64000 रुपये लड़की को वापस लौटाने पड़े. यही नहीं दिल्ली स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमिशन के निर्देश पर स्टूडियो ने लड़की को 50,000 रुपये भी दिए. इसके अलावा ऐसे लोग जो इस तरह की तकलीफ से गुजर चुके हैं लेकिन सामने नहीं आए, उनको ध्यान में रखते हुए स्टूडियो को कंज्यूमर वेलफेयर फंड में पांच लाख रुपये जमा कराने का ऑर्डर दिया गया है.
हालांकि इन सब में आठ साल का लंबा वक्त जरूर लगा हो लेकिन आखिरकार लड़की को न्याय मिला और सच्चाई की जीत हुई.
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ऐसा ही कुछ हुआ दिल्ली की एक दुल्हन के साथ. मामला साल 2008 का है. दरअसल, लड़की लहंगे की फाइनल डिलिवरी से पहले ट्रायल के लिए गई थी. लहंगा दो इंच छोटा था और उसकी गोलाई भी ठीक नहीं थी. उसने लहंगे की खामियां चांदनी चौक के उस ब्राइडल स्टूडियो को बताईं थीं जहां से उसने लहंगा खरीदा था. स्टूडियो ने उससे वादा किया वो लहंगा ठीक कर देंगे. बाद में जब लहंगा आया तो लड़की ने यह सोचकर कि सबकुछ ठीक ही होगा लहंगा ट्राई ही नहीं किया. लेकिन शादी के दिन जब उसने लहंगा पहना तो वो तब भी दो इंच छोटा ही था. लड़की ने दो इंच छोटे लहंगे में ही सात फेरे लिए.
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बाद में जब लड़की फिर से स्टूडियो गई तो वहां के मैनेजर ने यह कहते हुए लहंगा रख लिया कि स्टाफ की कमी है और काम ज्यादा है. इसके बाद जब लहंगा वापस आया तो उसमें ज्वॉइंट लगा था. ज्वॉइंट इस तरह लगाया गया था कि कोई भी देखकर समझ जाए कि लहंगे के साथ क्या हुआ है. लहंगा पहनने लायक ही नहीं बचा था. अब लड़की अपना धैर्य खो चुकी थी. शिकायत करने पर स्टाफ ने उसके बदतमीजी की और गालियां भी दीं.
लड़की ने हिम्मत नहीं हारी और उसने कंज्यूमर डिपार्टमेंट में शिकायत कर दी. अब आठ साल बाद ब्राइडिल स्टूडियो को लहंगे की पूरी कीमत यानी 64000 रुपये लड़की को वापस लौटाने पड़े. यही नहीं दिल्ली स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमिशन के निर्देश पर स्टूडियो ने लड़की को 50,000 रुपये भी दिए. इसके अलावा ऐसे लोग जो इस तरह की तकलीफ से गुजर चुके हैं लेकिन सामने नहीं आए, उनको ध्यान में रखते हुए स्टूडियो को कंज्यूमर वेलफेयर फंड में पांच लाख रुपये जमा कराने का ऑर्डर दिया गया है.
हालांकि इन सब में आठ साल का लंबा वक्त जरूर लगा हो लेकिन आखिरकार लड़की को न्याय मिला और सच्चाई की जीत हुई.