लॉकडाउन में गई दिव्यांग की Job, पत्नी संग खोला नमकीन का बिजनेस और छा गए, बोले- 'अब आत्मनिर्भर बनूंगा...'

Coronavirus और लॉकडाउन (Lockdown) में कई लोगों को आत्मनिर्भर (Aatmanirbhar) बना दिया है. अहमदाबाद (Ahmedabad) के रहने वाले ठक्कर अश्विन (Thakkar Ashwin) ने जॉब जाने के बाद खुद का बिजनेस (Buisness) शुरू किया, जहां उनकी पत्नी ने भी उनका साथ दिया.

लॉकडाउन में गई दिव्यांग की Job, पत्नी संग खोला नमकीन का बिजनेस और छा गए, बोले- 'अब आत्मनिर्भर बनूंगा...'

लॉकडाउन में गई दिव्यांग की Job, पत्नी संग खोला नमकीन का बिजनेस और छा गए

कोरोनावायरस (Coronavirus) और लॉकडाउन (Lockdown) में कई लोगों को आत्मनिर्भर (Aatmanirbhar) बना दिया है. लॉकडाउन में कई लोगों की नौकरी गई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. अपना बिजनेस शुरू किया और सपनों को पूरा किया. ऐसा ही एक शख्स है, जिसकी लॉकडाउन में जॉब चली गई, फिर उन्होंने नमकीन का बिजनेस खोला और छा गए. अहमदाबाद (Ahmedabad) के रहने वाले ठक्कर अश्विन (Thakkar Ashwin) ने जॉब जाने के बाद खुद का बिजनेस (Buisness) शुरू किया, जहां उनकी पत्नी ने भी उनका साथ दिया. 

अश्विन अहमदाबाद के एक होटल में बतौर टेलीफोन ऑपरेटर काम करते थे. लॉकडाउन में जॉब गई तो उन्होंने कैरी बेचना शुरू कर दिया. उन्होंने फिर कच्छ के छुवारे और गुजरानी नमकीन का बिजनेस शुरू किया. 

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने सीखा है कि 'आत्मानबीर' कैसे होना चाहिए. मैं दूसरों पर निर्भर न रहने के लिए दृढ़ था. बहुत से लोग मुझे सपोर्ट कर रहे हैं.''


अश्विन ने इससे पहले कभी बिजनेस नहीं किया था. शुरुआत में जब उन्होंने बिजनेस की शुरुआत की तो उनके मन में कई सवाल थे, जैसे यह काम कब तक चलेगा.

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नेत्रहीन होने के कारण सामान की डिलीवरी करना मुश्किल था. लेकिन इच्छाशक्ति की बदौलत उनको सफलता मिली. उनके बिजनेस में पत्नी गीता भी साथ दे रही हैं. अब वो दहशहरे और दीवाली पर मिठाई का स्टॉल लगाने का विचार कर रहे हैं.