वाशिंगटन:
ड्रोन हमलों के मुद्दे को उठाते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अमेरिकी विदेशी मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी को दूर करने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान जरदारी ने कहा कि आपासी विश्वास की कमी से पाकिस्तान के लिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में फिर से शामिल होना मुश्किल होगा।
राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि करीब एक घंटे चली बैठक के दौरान जरदारी ने कहा कि जबतक आपस में विश्वास की कमी को दूर नहीं किया जाता, तबतक पाकिस्तान-अमेरिका के बीच दीर्घकालीन, सतत तथा टिकाऊ संबंध मुश्किल है।
शिकागो में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान जरदारी और हिलेरी के बीच मुलाकात के बाद बाबर ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के लिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में फिर से शामिल होने के लिये आपसी विश्वास की कमी को दूर करना जरूरी है।’’ सम्मेलन में 60 से अधिक देशों के नेता भाग ले रहे हैं।
प्रवक्ता के अनुसार जरदारी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मुहिम को जनसमर्थन मिला है पर सलाला या ड्रोन हमलों के कारण निर्दोष लोगों के मारे जैसी घटनाओं से अभियान कमजोर होता है। हमें इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश ड्रोन मसले का स्थायी हल चाहता है क्योंकि इससे न केवल उसकी संप्रभुता का उल्लंघन हो रहा है बल्कि निर्दोष लोगों के मारे जाने के कारण लोगों की नाराजागी भी बढ़ रही है।
बाबर के अनुसार जरदारी ने कहा कि पाकिस्तानी की संसद द्वारा दिये गये संकेत के मुताबिक आतंकवाद के खिलाफ सहयोग के लिये प्रणाली तैयार करने की जरूरत है और दोनों पक्ष स्वीकार्य विकल्प तलाशने के लिये प्रणाली का मसौदा तैयार करने पर विचार कर सकते हैं।
बैठक के दौरान पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, अमेरिका में पाकिस्तान की राजदूत शेरी रहमान तथा विदेश सचिव जलील जिलानी के अलावा बाबर तथा अन्य लोग मौजूद थे। अमेरिका की तरफ से बैठक में हिलेरी के अलावा पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत कैमरन मुंटेर, पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान के लिय विशेष अमेरिकी दूत मार्क ग्रोसमैन मौजूद थे।
बैठक के दौरान जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में मेल-मिलाप प्रक्रिया का पुरजोर समर्थन करता है और उसका मानना है कि केवल सैन्य उपायों से उग्रवाद तथा आतंकवाद की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा सकता।
बाबर के अनुसार हिलेरी ने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय स्थिरता तथा शांति को बढ़ावा देने के लिये पाकिस्तान को अपना प्रमुख सहयोगी मानता है। जरदारी ने अमेरिकी विदेशी मंत्री से पाकिस्तानी वस्तुओं के लिये बेहतर बाजार पहुंच तथा उर्जा संकट से पार पाने में मदद करने का अनुरोध किया।
बैठक के दौरान जरदारी ने कहा कि आपासी विश्वास की कमी से पाकिस्तान के लिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में फिर से शामिल होना मुश्किल होगा।
राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि करीब एक घंटे चली बैठक के दौरान जरदारी ने कहा कि जबतक आपस में विश्वास की कमी को दूर नहीं किया जाता, तबतक पाकिस्तान-अमेरिका के बीच दीर्घकालीन, सतत तथा टिकाऊ संबंध मुश्किल है।
शिकागो में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान जरदारी और हिलेरी के बीच मुलाकात के बाद बाबर ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के लिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में फिर से शामिल होने के लिये आपसी विश्वास की कमी को दूर करना जरूरी है।’’ सम्मेलन में 60 से अधिक देशों के नेता भाग ले रहे हैं।
प्रवक्ता के अनुसार जरदारी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मुहिम को जनसमर्थन मिला है पर सलाला या ड्रोन हमलों के कारण निर्दोष लोगों के मारे जैसी घटनाओं से अभियान कमजोर होता है। हमें इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश ड्रोन मसले का स्थायी हल चाहता है क्योंकि इससे न केवल उसकी संप्रभुता का उल्लंघन हो रहा है बल्कि निर्दोष लोगों के मारे जाने के कारण लोगों की नाराजागी भी बढ़ रही है।
बाबर के अनुसार जरदारी ने कहा कि पाकिस्तानी की संसद द्वारा दिये गये संकेत के मुताबिक आतंकवाद के खिलाफ सहयोग के लिये प्रणाली तैयार करने की जरूरत है और दोनों पक्ष स्वीकार्य विकल्प तलाशने के लिये प्रणाली का मसौदा तैयार करने पर विचार कर सकते हैं।
बैठक के दौरान पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, अमेरिका में पाकिस्तान की राजदूत शेरी रहमान तथा विदेश सचिव जलील जिलानी के अलावा बाबर तथा अन्य लोग मौजूद थे। अमेरिका की तरफ से बैठक में हिलेरी के अलावा पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत कैमरन मुंटेर, पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान के लिय विशेष अमेरिकी दूत मार्क ग्रोसमैन मौजूद थे।
बैठक के दौरान जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में मेल-मिलाप प्रक्रिया का पुरजोर समर्थन करता है और उसका मानना है कि केवल सैन्य उपायों से उग्रवाद तथा आतंकवाद की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा सकता।
बाबर के अनुसार हिलेरी ने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय स्थिरता तथा शांति को बढ़ावा देने के लिये पाकिस्तान को अपना प्रमुख सहयोगी मानता है। जरदारी ने अमेरिकी विदेशी मंत्री से पाकिस्तानी वस्तुओं के लिये बेहतर बाजार पहुंच तथा उर्जा संकट से पार पाने में मदद करने का अनुरोध किया।
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