- पैन-अमेरिकन हाईवे दुनिया का सबसे लंबा सड़क नेटवर्क है जो उत्तरी अमेरिका से दक्षिण अमेरिका तक फैला है
- यह हाईवे नेटवर्क करीब 30 हजार किलोमीटर लंबा है और अलास्का से अर्जेंटीना तक फैला हुआ है
- पैन-अमेरिकन हाईवे 14 देशों से होकर गुजरता है जिसमें अमेरिका, मैक्सिको, कनाडा, कोलंबिया और अर्जेंटीना शामिल हैं
सोचिए कि आप अपनी गाड़ी लेकर निकलें और एक रास्ता आपको एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक पहुंचा दे. यह रास्ता बर्फीले अलास्का से लेकर दक्षिण अमेरिका के आखिरी छोर तक ले जाए. इस हाईवे के जाल में कभी ऊंचे पहाड़ आएं, कभी घने जंगल, कभी शहर और कभी ऐसी जगह जहां सड़क ही खत्म हो जाए. यह रास्ता 14 देशों से होकर गुजरे. हम आपको किसी फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि पैन-अमेरिकन हाईवे की हकीकत है. हम बात कर रहे हैं दुनिया के सबसे लंबे हाईवे की, जिसमें सड़कों की ऐसी जाल है जो उत्तरी अमेरिका को शुरुआती छोर को दक्षिणी अमेरिका से आखिरी छोर से जोड़ता है. इसका पूरा नेटवर्क करीब 30,600 किलोमीटर लंबा है.
तुलना करने के लिए ध्यान रहे कि पृथ्वी की भूमध्य रेखा यानी इक्वेटर की कुल लंबाई लगभग 40,075 किलोमीटर है.
अमेरिका के अलास्का से अर्जेंटीना तक फैला सड़क का जाल
पैन-अमेरिकन हाईवे की शुरुआत का विचार 1923 में आया था. मकसद था अमेरिका महाद्वीप के अलग-अलग हिस्सों को सड़क के जरिए जोड़ना. धीरे-धीरे इसमें कई देशों की अलग-अलग हाईवे शामिल होती गईं. आज इसका नेटवर्क अलास्का और कनाडा से शुरू होकर अमेरिका, मैक्सिको और मध्य अमेरिका से गुजरता हुआ दक्षिण अमेरिका तक पहुंचता है. इसका रास्ता चिली, ब्राजील और अर्जेंटीना के दक्षिणी हिस्से तक जाता है.
1937 में अर्जेंटीना, बोलीविया, कनाडा, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू और अमेरिका ने पैन-अमेरिकन हाईवे पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. इन देशों ने अपने-अपने हिस्से में सड़क बनाने का काम तेजी से पूरा करने पर सहमति जताई. मैक्सिको का हिस्सा लैटिन अमेरिका में पूरा होने वाला पहला हिस्सा था. इसे पूरी तरह मैक्सिको ने बनाया और इसके लिए पैसा भी खुद दिया. मध्य अमेरिका के कई हिस्सों के निर्माण में अमेरिका ने मदद की.
कुल मिलाकर पैन-अमेरिकन हाईवे 14 देशों से होकर गुजरता है. उत्तरी और मध्य अमेरिका में, यह हाईवे कनाडा, मैक्सिको, ग्वाटेमाला, अल साल्वाडोर, होंडुरास, निकारागुआ, कोस्टा रिका और पनामा से होकर गुजरता है. यह दक्षिण अमेरिका तक जाता है और कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू, चिली और अर्जेंटीना को जोड़ता है.
करीब 100 किमी पर सड़क अचानक हो जाती है गायब
इस विशाल हाईवे की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह लगभग लगातार चलती है, लेकिन पनामा और कोलंबिया के बीच करीब 100 किलोमीटर का हिस्सा ऐसा है जहां सड़क है ही नहीं. इसे डेरियन गैप कहा जाता है. यहां घने वर्षावन, दलदली जमीन और बेहद मुश्किल इलाका है. यहां कई आदिवासी समुदाय रहते हैं, जिन्होंने लंबे समय से हाईवे को आगे बढ़ाने की योजनाओं का विरोध किया है.
सड़कों का जाल
पैन-अमेरिकन हाईवे को देखकर यह समझना जरूरी है कि यह एक जैसी चौड़ी और सीधी सड़क नहीं है. क्योंकि इसमें अलग-अलग देशों की अलग-अलग हाईवे शामिल हैं, इसलिए सफर के दौरान सड़क का रूप भी बदलता रहता है. कहीं सामान्य हाईवे मिलती है, तो कहीं चढ़ाई और तीखे पहाड़ी मोड़ आते हैं. कुछ हिस्से शहरों की सड़कों से गुजरते हैं. यानी करीब 30,600 किलोमीटर का यह सफर सिर्फ एक लंबी सड़क पर ड्राइव करना नहीं है, बल्कि पूरे अमेरिका महाद्वीप के बदलते मौसम, पहाड़, जंगल, शहर और देशों को सड़क के जरिए देखने जैसा अनुभव है.
2 महीने लग जाएंगे पार करते
अगर कोई यात्री एक दिन में 500 किलोमीटर की दूरी भी तय करे, तो भी इस हाईवे का सफर पूरा करने में 60 दिन से ज्यादा का समय लगेगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं