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ईरान का सीक्रेट आइलैंड क्यों बना अमेरिका का निशाना? आखिर क्यों इतना अहम है केशम द्वीप

केशम ईरान का सबसे बड़ा द्वीप है. होर्मुज स्ट्रेट के पास है. ईरान की मिसाइल और ड्रोन का हब माना जाता है. ईरान के लिए यह एक साथ रणनीतिक सैन्य अड्डा, ऊर्जा सुरक्षा केंद्र और बिजनेस पॉइंट है.

ईरान का सीक्रेट आइलैंड क्यों बना अमेरिका का निशाना? आखिर क्यों इतना अहम है केशम द्वीप
  • अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन पर चलाई गईं ईरान की मिसाइलों, ड्रोन को नाकाम किया.
  • साथ ही उसने यह भी दावा किया कि उसने ईरान के केशम द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
  • उधर ईरान ने दावा किया कि उसके हमले अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में थे.

ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर टारगेट कर मिसाइलें और ड्रोन चलाईं तो अमेरिका फिर एक्टिव हो गया और उसने जवाबी कार्रवाई में ईरान के केशम द्वीप पर स्ट्राइक की. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उसने ईरानी हमलों को नाकाम किया और फिर केशम में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. लेकिन सवाल यह है कि आखिर केशम द्वीप में ऐसा क्या है कि वह अमेरिका ने उसे ही निशाना बनाया?

दरअसल, केशम ईरान का सबसे बड़ा द्वीप है, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है. यह वही समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है. सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी ईरान की समुद्री सुरक्षा रणनीति के एक अहम केंद्र के रूप में गिनती होती है.

अमेरिका ने इसी द्वीप को क्यों चुना?

अमेरिकी सेना का कहना है कि केशम से जुड़े सैन्य ढांचे का इस्तेमाल ईरान के ड्रोन और मिसाइल अभियानों के लिए किया जा रहा था. हालिया अमेरिकी हमले में एक सैन्य नियंत्रण केंद्र और उससे जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. 

केशम द्वीप के नीचे सुरंगों के विशाल नेटवर्क होने की बात लंबे समय से सामने आती रही है. यहां कथित तौर पर एंटी-शिप मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन, नौसैनिक हथियार और तेज हमला करने वाली नौकाएं छिपाकर रखी गई हैं. युद्ध की स्थिति में ये हथियार होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना सकते हैं.

अगर ईरान होर्मुज को और बाधित करता है तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में आई भारी उछाल और ऊपर जा सकती है.

केशम द्वीप इस पूरे समुद्री मार्ग पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर दबाव बनाने के लिए आदर्श स्थान माना जाता है.

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का रणनीतिक मुख्य अड्डा

ईरान की शक्तिशाली सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने वर्षों में केशम को अपने नौसैनिक और मिसाइल नेटवर्क का अहम हिस्सा बना दिया है. यहां से ड्रोन, मिसाइल और समुद्री अभियानों का संचालन संभव माना जाता है.

अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने कुवैत, बहरीन और क्षेत्रीय जलक्षेत्रों की दिशा में कई मिसाइलें और ड्रोन दागे. अमेरिका का दावा है कि इनमें से अधिकांश अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके या रास्ते में रोक लिए गए.

इसके बाद अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप पर जवाबी हमले किए. सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और क्षेत्रीय सहयोगियों की रक्षा के लिए की गई.

वहीं ईरान की ओर से दावा किया गया कि उसके हमले अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में थे और उसने क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बनाया.

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