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ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को किसने मारा? अमेरिकी और इजरायली आर्मी के इन 4 अफसरों ने संभाली थी कमान

Who Killed Iran's Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei: ईरान में सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के घाट उतारने की घटना इस्लामी गणराज्य के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक घटनाओं में से एक मानी जा रही है. जानिए इसे अंजाम देने वाली टीम कौन सी थी.

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को किसने मारा? अमेरिकी और इजरायली आर्मी के इन 4 अफसरों ने संभाली थी कमान
Who Killed Iran's Supreme Leader: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को किसने मारा?
  • ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त सैन्य हमले किए थे और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को निशाना बनाया
  • अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल डैन केन ने इस अभियान की योजना बनाने और सैन्य समन्वय में मुख्य भूमिका निभाई थी
  • अमेरिकी सेंट्रल कमान के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने ईरान पर हमलों के संचालन और समन्वय का नेतृत्व किया था
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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत ने पश्चिम एशिया की राजनीति को हिला दिया है. अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों में तेहरान स्थित ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें ईरान के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व पर हमला किया गया. इन हमलों के बाद ईरान ने आधिकारिक रूप से खामेनेई की मौत की पुष्टि की और पूरे देश में शोक की घोषणा की. ईरान में यह घटना इस्लामी गणराज्य के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक घटनाओं में से एक मानी जा रही है. डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अभियान ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए किया गया था. 

सवाल है कि खामेनेई को मौत के घाट उतारने के इस सैन्य अभियान को अंजाम देने वाले अमेरिकी और इजरायली आर्मी के टॉप 4 चेहरे कौन थे?

1- जनरल डैन केन, यूएस मिलिट्री के चीफ

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अमेरिकी सेना के प्रमुख डैन केन ने खामेनेई को निशाना बनाने वाले अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अभियान की सैन्य योजना बनाने और कॉर्डिनेशन करने में अहम भूमिका निभाई. डैन केन को 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का अध्यक्ष नियुक्त किया था, और उसी साल अप्रैल में अमेरिकी सीनेट ने उनकी नियुक्ति की पुष्टि की. इस पद पर रहते हुए वह राष्ट्रपति के सबसे बड़े सैन्य सलाहकार माने जाते हैं और बड़े सैन्य अभियानों की रणनीति तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं. रिपोर्टों के अनुसार, ईरान पर किए गए हमलों की योजना, खुफिया कॉर्डिनेशन करने और सैन्य विकल्प तैयार करने में केन की महत्वपूर्ण भागीदारी रही. वायु सेना के पूर्व एफ-16 लड़ाकू पायलट रहे केन को खाड़ी में अभियानों का लंबा अनुभव है, इसलिए उन्हें इस ऑपरेशन की रणनीतिक योजना में प्रमुख चेहरा माना गया.

जब ईरान पर हमले के बाद वॉर रूम में ट्रंप को लाइव जानकारी दी जा रही थी तब वहां डैन केन मौजूद थे. 28 फरवरी, 2026 को पूरी टीम एक अज्ञात स्थान से ईरान के खिलाफ "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" गतिविधि की निगरानी कर रही थी.

2- US CENTCOM के चीफ एडमिरल ब्रैड कूपर

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अमेरिकी सेंट्रल कमान के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ईरान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान में संचालन स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. United States Central Command यानी सेंटकॉम पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का नेतृत्व करता है, इसलिए ईरान पर हमले की योजना और क्रियान्वयन का मुख्य समन्वय (कॉर्डिनेशन) इसी कमान के तहत हुआ. ब्रैड कूपर को 2024 में सेंटकॉम का प्रमुख बनाया गया था और उन्हें खाडी क्षेत्र तथा पश्चिम एशिया में नौसैनिक और संयुक्त सैन्य अभियानों का व्यापक अनुभव है. इस मिशन के दौरान सेंटकॉम ने अमेरिकी वायु सेना, नौसेना और सहयोगी इजराइली बलों के बीच समन्वय स्थापित किया, लक्ष्य तय किए और हमलों की निगरानी की.

3- इयाल जमीर, इजरायल आर्मी चीफ

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इजराइल के सेना प्रमुख इयाल जमीर ने संयुक्त अभियान में रणनीतिक और सैन्य स्तर पर अहम भूमिका निभाई. उन्हें 2024 में इजरायल डिफेंस फोर्स यानी IDF का चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया गया था और इससे पहले वह इजराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था तथा सैन्य योजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान जमीनी खुफिया जानकारी, लक्ष्य चयन और हवाई हमलों की योजना बनाने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है. रिपोर्टों के अनुसार, जामीर ने इजराइली वायु सेना और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर हमलों की रूपरेखा तैयार की. अमेरिकी सैन्य कमान के साथ कॉर्डिनेशन बनाते हुए उन्होंने ऑपरेशन के विभिन्न चरणों को आगे बढ़ाया. इस मिशन में उनकी भूमिका को इजराइली सेना की रणनीतिक योजना और संचालन का प्रमुख आधार माना गया.

4- रोमन गोफमैन, मोसाद के चीफ

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इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख रोमन गोफ़मैन को भी ईरान के खिलाफ चलाए गए गुप्त अभियान में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता है. गोफमैन को पिछले साल के आखिर में ही मोसाद की कमान सौंपी गई थी और वे लंबे समय से इजराइली सुरक्षा तंत्र में खुफिया अभियानों और गुप्त ऑपरेशनों के विशेषज्ञ माने जाते हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को निशाना बनाने वाले मिशन में मोसाद ने कथित रूप से गहरी खुफिया जानकारी जुटाने, ईरान के अंदरूनी नेटवर्क पर नजर रखने और संभावित ठिकानों की पहचान करने का काम किया. रिपोर्टों के अनुसार, गोफमैन के नेतृत्व में मोसाद ने अमेरिकी और इजराइली सैन्य अधिकारियों को सटीक खुफिया इनपुट दिए, जिनकी मदद से हमलों की योजना तैयार की गई. माना जा रहा है कि CIA और मोसाद के एजेंट महीनों से खामेनेई को ट्रैक कर रहे थे. टेक्निकल सर्विलांस के अलावा ह्यूमन इंटेलिजेंस की भी मदद ली जा रही थी. इन एजेंटों ने खामेनेई के नेटवर्क में इतनी घुसपैठ कर ली थी कि उनकी पल-पल की खबरें मिल रही थीं.

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