अफगानिस्तान में 'प्राथमिकताओं' को लेकर पहली बार अमेरिका ने पाकिस्तान से बात की

एंटनी ब्लिंकन कहा कि तालिबान का कहना है कि वह वैधता चाहता है. वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन चाहता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय  समुदाय के साथ उसके संबंध उसके द्वारा किए जाने वाले कार्यों से परिभाषित होंगे.

अफगानिस्तान में 'प्राथमिकताओं' को लेकर पहली बार अमेरिका ने पाकिस्तान से बात की

अफगानिस्तान के मुद्दे पर अमेरिकी विदेशमंत्री ने पाकिस्तान से की बात

वाशिंगटन:

अमेरिकी विदेशमंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गुरुवार को कहा कि उनका मानना ​​है कि तालिबान सरकार का समर्थन करने वाले पाकिस्तान, चीन और रूस के साथ बात करके तालिबान पर दबाव डालने को लेकर दुनिया एकजुट है. ब्लिंकन ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ बातचीत की . इसके साथ ही सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों जिसमें चीन और रूस के मंत्री शामिल हैं, उनसे मुलाकात की. ब्लिंकन कहा कि तालिबान का कहना है कि वह वैधता चाहता है. वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन चाहता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय  समुदाय के साथ उसके संबंध उसके द्वारा किए जाने वाले कार्यों से परिभाषित होंगे. ब्लिंकन ने तालिबान के लिए अमेरिकी प्राथमिकताओं को दोहराया, जिसमें अफगानों और विदेशियों को देश छोड़ने की अनुमति देना, महिलाओं, लड़कियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सम्मान करना और अल-कायदा जैसे चरमपंथियों द्वारा अफगानिस्तान की धरती का फिर इस्तेमाल नहीं करने देना शामिल है.

गौरतलब है कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों से अफगानिस्तान पर ''एकजुट'' रहने, तालिबान को अपनी प्रतिबद्धताओं के लिए जवाबदेह ठहराने और युद्धग्रस्त देश में मानवीय जरूरतों को पूरा करने के वास्ते धन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया. अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस को पी-5 के नाम से जाना जाता है जो कि संयुक्त राष्ट्र के स्थायी और वीटो शक्ति प्राप्त सदस्य हैं. ब्रिटेन की विदेश सचिव लिज ट्रस ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च-स्तरीय 76वें सत्र से इतर पी-5 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस भी मौजूद रहे.


अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि बैठक में विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक रचनात्मक पी-5 कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया. प्राइस ने एक बयान में कहा, '' विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान में उभरते मानवीय संकट से निपटने और आर्थिक पतन को रोकने के लिए पी-5 से समन्वय का आह्वान किया। उन्होंने समावेशी और प्रतिनिधि सरकार के लिए साझा अपेक्षाओं का जिक्र किया.''

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उन्होंने कहा कि मंत्री ने पी-5 को अफगानिस्तान पर एकजुट रहने, तालिबान को अपनी प्रतिबद्धताओं के लिए जवाबदेह ठहराने और मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए धन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया. ईरान के संबंध में ब्लिंकन ने ईरान परमाणु समझौते के अनुपालन पर पारस्परिक वापसी करने और ईरान के साथ सभी चिंताओं को दूर करने के लिए सार्थक कूटनीति के रास्ते को आगे बढ़ाने के मद्देनजर अमेरिका के इरादे को दोहराया. बैठक से पहले, संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटिश मिशन ने कहा था कि पी-5 सुरक्षा परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करेगा जोकि उन्हें अफगानिस्तान, म्यांमार, यमन और इथियोपिया के टिग्रे क्षेत्र में जारी संघर्ष और संकट की पृष्ठभूमि के बीच अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए निभानी है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)