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This Article is From Dec 16, 2020

US में 6 महीने में दूसरी बार गांधी प्रतिमा के साथ अभद्रता, व्हाइट हाउस ने बताया डरावना और दु:खद

तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में खालिस्तानी समर्थकों ने 12 दिसंबर को वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था और इस दौरान वहां महात्मा गांधी की प्रतिमा को खालिस्तानी झंडे से ढक दिया था.

US में 6 महीने में दूसरी बार गांधी प्रतिमा के साथ अभद्रता, व्हाइट हाउस ने बताया डरावना और दु:खद
व्हाइट हाउस ने कहा, "महात्मा गांधी उन मूल्यों के लिए लड़ते रहे हैं जिनका अमेरिका प्रतिनिधित्व करता रहा है."
  • 6 महीने में दूसरी बार अमेरिका में गांधी प्रतिमा से छेड़छाड़
  • व्हाइट हाउस ने जताई नाराजगी, घटना को बताया डरावना और दु:खद
  • 'गांधी उन मूल्यों के लिए लड़ते रहे हैं जिनका US प्रतिनिधित्व करता रहा है'
वाशिंगटन:

अमेरिका (United States) ने वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर पिछले सप्ताह महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ अभद्रता करने की कड़ी निंदा की है. व्हाइट हाउस (White House) ने इस घटना को "भयावह" कहा है. व्हाइट हाउस ने कहा, "महात्मा गांधी उन मूल्यों के लिए लड़ते रहे हैं जिनका अमेरिका प्रतिनिधित्व करता रहा है." छह महीने से कम समय में गांधी प्रतिमा के साथ अभद्रता की यह दूसरी घटना थी.

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव कायले मैकनी ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, "यह बहुत भयानक और दु:खद है. किसी भी मूर्ति या स्मारक का अनादर नहीं किया जाना चाहिए, खासतौर पर गांधी जैसी शख्सियत के साथ तो हरगिज नहीं, जिन्होंने पूरी जिंदगी वास्तव में  शांति, न्याय और स्वतंत्रता जदैसे उन मूल्यों के लिए लड़ाई लड़ी जिसका अमेरिका प्रतिनिधित्व करता रहा है."

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उन्होंने कहा, "यह भयावह है कि यह दूसरी बार हुआ है. हमारा मानना ​​है कि महात्मा गांधी की प्रतिष्ठा का सम्मान किया जाना चाहिए, विशेष रूप से अमेरिका की राजधानी में."

बता दें कि 12 दिसंबर को खालिस्तान समर्थकों ने वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ अनादर किया था और उसे खालिस्तानी झंडे से ढक दिया था. खालिस्तानी समर्थक भारत में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में वहां नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे

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.भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर ‘‘प्रदर्शनकारियों के रूप में गुंडागर्दी करने वाले लोगों के इस दुष्ट कृत्य'' की निंदा की थी और  अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष इस संबंध में कड़ा विरोध दर्ज कराया था. दूतावास ने तब उनलोगों के खिलाफ जांच एवं कानून के तहत कार्रवाई के लिए अमेरिकी विदेश मंत्रालय के सामने मामला भी उठाया था.

ग्रेटर वाशिंगटन डीसी, मैरीलैंड और वर्जीनिया के अलावा न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, पेंसिल्वेनिया, इंडियाना, ओहायो और नॉर्थ कैरोलाइना जैसे राज्यों से आए सैंकड़ों सिखों ने वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास तक कार रैली निकाली थी. इसी दौरान भारत विरोधी पोस्टरों और बैनरों के साथ खालिस्तानी झंडे लिए कुछ सिख वहां आए थे. कई बैनरों पर ‘‘खालिस्तान गणराज्य'' लिखा हुआ था. इनमें से कुछ खालिस्तानी सिख कृपाण हाथ में थामे महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आ गए थे और उस पर पोस्टर चिपका दिया था. इस समूह ने भारत विरोधी और खालिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए थे.
 

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Mahatma Gandhi, Gandhi Statue Defaced, Khalistani Supporters, Farmers Protest At Delhi's Borders
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