- अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में ईरानी तेल की तस्करी से जुड़े तेल टैंकर को जब्त किया है, जिससे तनाव बढ़ा है
- ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज में दो जहाजों पर नियंत्रण कर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत की है
- मैजेस्टिक एक्स गुयाना के ध्वज वाला तेल टैंकर है, जिस पर अमेरिका ने ईरानी तेल तस्करी के कारण प्रतिबंध लगाया था
अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरानी तेल की तस्करी से जुड़े एक और टैंकर को जब्त कर लिया, जिससे ईरान के साथ तनाव और बढ़ गया. यह घटना ईरान के अर्धसैनिक बल, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों पर नियंत्रण करने के एक दिन बाद हुई. अमेरिकी रक्षा विभाग ने हिंद महासागर में जब्त किए गए तेल टैंकर मैजेस्टिक एक्स के डेक पर अमेरिकी सेना का वीडियो फुटेज जारी किया है.
पेंटगान ने क्या बताया
पेंटागन के एक बयान में कहा गया, "हम अवैध नेटवर्क को बाधित करने और ईरान को सामग्री सहायता प्रदान करने वाले जहाजों को रोकने के लिए वैश्विक समुद्री प्रवर्तन जारी रखेंगे, चाहे वे कहीं भी संचालित हों." जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि मैजेस्टिक एक्स हिंद महासागर में श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच स्थित है, लगभग उसी स्थान पर जहां अमेरिकी सेना द्वारा पहले जब्त किया गया तेल टैंकर टिफानी था. यह चीन के झोउशान जा रहा था. इस घटना पर ईरान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
ऐसे हुआ ऑपरेशन
Overnight, U.S. forces carried out a maritime interdiction and right-of-visit boarding of the sanctioned stateless vessel M/T Majestic X transporting oil from Iran, in the Indian Ocean within the INDOPACOM area of responsibility.
— Department of War 🇺🇸 (@DeptofWar) April 23, 2026
We will continue global maritime enforcement to… pic.twitter.com/SWF6Jt9Ci4
यह घटना ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में तीन मालवाहक जहाजों पर हमला करने और उनमें से दो को अपने कब्जे में लेने के एक दिन बाद घटी है. इस कदम से उस महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों पर ईरान का हमला और तेज हो गया है, जिससे शांति काल में दुनिया के 20% तेल व्यापार का आवागमन होता है. मैजेस्टिक एक्स, गुयाना के ध्वज वाला एक तेल टैंकर है. इसका पूर्व नाम फीनिक्स था और अमेरिकी वित्त विभाग ने 2024 में इस पर ईरान से कच्चे तेल की तस्करी करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया था, जो कि इस्लामिक गणराज्य पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन था.
युद्धविराम के साथ गतिरोध भी जारी
मंगलवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी को बरकरार रखते हुए युद्धविराम को बढ़ा दिया. अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध ने जलडमरूमध्य से होने वाले लगभग सभी निर्यात को प्रभावी रूप से रोक दिया है और इसके समाप्त होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है
दुनिया को हो रहा नुकसान
इस संघर्ष के चलते गैस की कीमतें इस क्षेत्र से कहीं आगे बढ़कर आसमान छू रही हैं और खाद्य पदार्थों तथा अन्य कई उत्पादों की लागत भी बढ़ रही है. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जो युद्ध-पूर्व स्तरों से 35% की वृद्धि दर्शाती है, लेकिन शेयर बाजार अभी भी इसे नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं. यूरोपीय संघ के ऊर्जा आयुक्त डैन जोर्गेनसन ने बुधवार को उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव की चेतावनी दी और इसकी तुलना पिछली आधी सदी के अन्य प्रमुख ऊर्जा संकटों से की. उन्होंने कहा कि इस व्यवधान से यूरोप को प्रतिदिन लगभग 500 मिलियन यूरो (600 मिलियन डॉलर) का नुकसान हो रहा है.
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