इस्लामाबाद:
बिना सूचित किए पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की हत्या के लिए एकतरफा अमेरिकी अभियान के एक सप्ताह से ज्यादा गुजरने के बाद प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने बृहस्पतिवार को अमेरिका पर द्विपक्षीय संबंध में विश्वास की कमी के आरोप लगाए। गिलानी ने चेताते हुए कहा कि अमेरिका के साथ आगे भी मिलकर काम करना उनकी सरकार के लिए जोखिम भरा हो सकता है। गिलानी ने स्वीकार किया कि दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों के बीच सहयोग टूट चुका है और आतंकवाद से लड़ने के तरीके पर उनकी राय भिन्न है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका को अलकायदा प्रमुख ओसामा को पकड़ने के लिए एकतरफा अभियान की जगह पाकिस्तान के साथ मिलकर संयुक्त अभियान को अंजाम देना चाहिए था। गिलानी ने कहा कि उनकी सरकार पाकिस्तान की जनता के प्रति जवाबदेह है जो लगातार अमेरिका विरोधी होती जा रही है। गिलानी ने टाइम मैगजीन को दिए साक्षात्कार में कहा, मैं सैन्य तानाशाह नहीं हूं, मैं जन प्रतिनिधि हूं, अगर जनता की राय आपके (अमेरिकी सेना के संदर्भ में) खिलाफ है तो मैं आपके साथ खड़े होने के लिए इसका विरोध नहीं कर सकता। मुझे जनता की राय के साथ जाना होगा। गिलानी का दो मई को ऐबटाबाद में ओसामा के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के बाद यह पहला साक्षात्कार है। उन्होंने वाशिंगटन से पाकिस्तानी नागरिकों का समर्थन हासिल करने के लिए कहा। गिलानी ने कहा, उन्हें जनता के लिए कुछ करना चाहिए जिससे उन्हें ऐसा विश्वास हो कि अमेरिका पाकिस्तान का सहायक है। उन्होंने वर्ष 2008 में भारत-अमेरिका परमाणु समझौते का हवाला देते हुए कहा, हमारी जनता मर रही थी लेकिन वहां समझौता हो रहा था। गिलानी ने कहा, आप दावा करते हैं कि यह रणनीतिक साझेदारी है और हम (पाकिस्तान) आपके बहुत अच्छे दोस्त हैं यह कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा कि पारंपरिक रूप से आईएसआई ने सीआईए के साथ मिलकर काम किया है लेकिन देखा जा रहा है कि किसी भी स्तर पर विश्वास नहीं है।
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