- अमेरिकी सेना ने लगातार चौथी रात ईरान पर हमले किए, जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन पर दागी मिसाइल-ड्रोन
- दुनिया में तेल व्यापार के लिए सबसे अहम समुद्री रास्ते यानी होर्मुज को अमेरिका ने ईरान के लिए बंद कर दिया है
- ट्रंप की चेतावनी- अगर ईरान समझौता नहीं करता तो अगले हफ्ते ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमला करेंगे
US Iran War Updates: होर्मुज का खारा पानी खौल रहा है और पूरी खाड़ी जंग से झुलस रही है. अमेरिकी सेना ने मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात ईरान पर फिर से हमले किए. यह अमेरिका का ईरान पर लगातार चौथे दिन का हमला था. ईरान भी शांत नहीं बैठा है. उसने भी कुवैत और बहरीन पर हमले किए हैं, जो अमेरिका के सहयोगी देश हैं और जहां अमेरिका के सैन्य अड्डे मौजूद हैं. एक बार फिर दुनिया में तेल व्यापार के लिए सबसे अहम समुद्री रास्ते यानी होर्मुज को अमेरिका ने ईरान के लिए बंद कर दिया है. अमेरिका ने जहाजों को ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने से रोकने के लिए फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि उसके हालिया हमलों का मकसद होर्मुज में "व्यावसायिक जहाजों पर हमले के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ईरानी क्षमताओं को कमजोर करना" है. यह खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस के लिए एक प्रमुख शिपिंग मार्ग है, जहां अपना कंट्रोल बनाए रखने के लिए तेहरान ने बार-बार नागरिक जहाजों पर हमले किए हैं.
ट्रंप ने फिर से पावर प्लांट और पुलों को उड़ाने की धमकी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति वापस से ईरान के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर यानी आम जनता के उपयोग वाले बुनियादी ढांचा का तबाह करने की धमकी देने लगे हैं. यही धमकी वह ईरान के साथ हुई डील (MoU) से पहले भी देते थे. अब ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान किसी समझौते के लिए सहमत नहीं होता है, तो वे अगले हफ्ते ईरान पर बिजली संयंत्रों (पावर प्लांट्स) और पुलों को निशाना बनाने के लिए अमेरिकी हमलों का दायरा बढ़ा देंगे.
इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत का भारी टैक्स लगाने की अपनी धमकी से पीछे हट गए. ट्रंप ने कहा कि वह खाड़ी देशों की अपील पर यह फैसला ले रहे हैं. "इसकी जगह अब खाड़ी देश अमेरिका में बड़े पैमाने पर व्यापार और निवेश करेंगे."
लगातार चौथे दिन अमेरिका का ईरान पर हमला
ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास बंदरगाह शहर, होर्मुज के पास खाड़ी द्वीप केशम और अन्य जगहों के पास विस्फोटों की खबर दी है. बाद में सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने कहा कि ईरानी सेना ने जॉर्डन में एक सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला किया, जहां अमेरिकी लड़ाकू विमान तैनात हैं. इसके अलावा होर्मुज में अमेरिका की नई नौसैनिक नाकेबंदी वापस लागू हो गई है. लगातार चौथी रात अमेरिकी हमले शुरू होने के एक घंटे बाद यह नाकेबंदी शुरू हुई. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने कहा कि इस कदम ने शांति वार्ता के लिए संघर्ष को रोकने के वाशिंगटन के साथ हुए समझौते को प्रभावी ढंग से खत्म कर दिया है.
उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि नाकेबंदी को फिर से लागू करने के अमेरिकी फैसले ने "एक तरह से इस्लामाबाद समझौते को खत्म कर दिया है".
CENTCOM के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि पिछले एक हफ्ते में, "ईरान ने जानबूझकर पूरे क्षेत्र में नागरिकों को निशाना बनाया है और सात कमर्शियल जहाजों पर हमले किए हैं, जिसके कारण लगभग एक दर्जन नागरिक चालक दल के सदस्य मारे गए, लापता हो गए या घायल हो गए." इसमें एक भारतीय नाविक भी शामिल है, जिनकी मौत UAE के झंडे वाले एक जहाज पर हुए ईरानी हमले में हुई है.
Statement from Adm. Brad Cooper, CENTCOM commander: pic.twitter.com/epNbgbDaOP
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 14, 2026
कुवैत और बहरीन में ईरान के हमले जारी
कुवैत की सेना ने कहा कि वह ईरान के हमलावर ड्रोन को रोक रही है, वहीं अमेरिका द्वारा ईरान पर और हमले किए जाने के बाद बहरीन में भी हवाई हमले की चेतावनी वाले सायरन बजाए गए हैं. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार कुवैती सेना ने कहा, "ईरान की बुरी हरकत के बाद कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही है."
बहरीन के गृह मंत्रालय ने नागरिकों और वहां रहने वाले लोगों से शांत रहने और सबसे पास की सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं