- ईरान-इजरायल के बीच युद्ध छठवें दिन भी जारी है, जिसमें नाटो देश अमेरिका का साथ दे रहे हैं
- ईरान पर हमले के लिए अमेरिका द्वारा भारतीय बंदरगाहों का उपयोग किए जाने वाली रिपोर्ट को MEA ने खारिज कर दिया है
- पूर्व अमेरिकी सेना कर्नल ने दावा किया कि US नौसैनिक अड्डे नष्ट होने से भारतीय बंदरगाहों पर निर्भरता बढ़ी
ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका का युद्ध गुरुवार को छठवें दिन की जारी है. नाटो देश अमेरिका का साथ दे रहे हैं. जबकि चीन ईरान के सपोर्ट में उतर गया है. इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिका, ईरान पर हमले के लिए भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहा है. लेकिन भारत ने फैक्टचेक में इस रिपोर्ट के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. भारत ने इस दावे को बेबुनियाद बताया है.
ये भी पढ़ें- तेहरान से कुवैत तक तबाही, हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ड्रोन हमले, ईरान-इजरायल युद्ध से जुड़े 10 अपडेट | LIVE UPDATES
पूर्व अमेरिकी सेना कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने अमेरिका के न्यूज चैनल 'वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क' को दिए इंटरव्यू में कहा, " ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका भारतीय नौसैनिक अड्डों का इस्तेमाल कर रहा है. हमारे सभी अड्डे नष्ट हो चुके हैं. हमारे बंदरगाह पूरी तरह से तबाह हो गए हैं. हमें भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो कि आइडिल स्थिति नहीं है. ये नौसेना का कहना है." अब इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया सामने आई है. विदेश मंत्रालय के फैक्टचेक अकाउंट ने कहा कि OAN पर किए जा रहे दावे फर्जी और झूठे हैं.
Fake News Alert!
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) March 4, 2026
Claims being made on OAN, a US based channel that Indian ports are being used by the US Navy are fake and false. We caution you against such baseless and fabricated comments. pic.twitter.com/xiFWnkoXBk
फर्जी और झूठे दावों से सावधान रहने की सलाह
अब इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया सामने आई है. विदेश मंत्रालय के फैक्टचेक अकाउंट ने कहा कि OAN पर किए जा रहे दावे फर्जी और झूठे हैं. उन्होंने कहा कि आपको इस तरह की निराधार और मनगढ़ंत टिप्पणियों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है. उन्होंने ये बात एक्स पर पोस्ट में कही.
भारत ने मिडल ईस्ट में चल रहे संघर्ष पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव को बढ़ने से रोकने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है.
अमेरिका-इजरायल-ईरान टेंशन
अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर शनिवार से संयुक्त हमले शुरू किए थे, जो कि गुरुवार को छठवें दिन भी जारी हैं. मिडिल ईस्ट में माहौल बहुत खराब है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे जा चुके हैं. ईरान भी जवाबी हमलों से पीछे नहीं हट रहा है. वह इजरायल खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दाग रहा है.
मंगलवार रात को एक अमेरिकी पनडुब्बी से हिंद महासागर में दागे गए टॉरपीडो ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसमें 87 लोगों के मारे जाने की खबर है. IRIS नाम के युद्धपोत भारत से वापस लौट रहा था, तभी उस पर हमला किया गया. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है, जब किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने किसी सतही पोत पर हमला किया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं