ईरान के लिए आज यानी मंगलवार, 7 अप्रैल का दिन बहुत अहम होने वाला है. एक तरफ तो आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से समझौते के लिए दी गई डेडलाइन खत्म हो रही है तो दूसरी तरफ इजरायल ने साफ कर दिया है कि वो अगले 12 घंटों तक ईरान के ट्रेन नेटवर्क पर हमला करने जा रहा है. इजरायली सेना ने ईरान के लोगों को ट्रेनों का उपयोग न करने की चेतावनी देते हुए कहा है कि ऐसा करने से "आपकी जान को खतरा है".
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इजरायली सेना के फारसी चैनल ने "ईरान देश में यूजर्स और ट्रेन यात्रियों के लिए तत्काल चेतावनी" नाम से एक पोस्ट डाला है. इसमें लिखा है, "प्रिय नागरिकों, आपकी सुरक्षा की खातिर, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इस वक्त से रात के 9 बजे ईरान समय तक, आप पूरे ईरान में ट्रेन का उपयोग करने और यात्रा करने से बचें. ट्रेनों और रेलवे लाइनों के पास आपकी उपस्थिति आपके जीवन को खतरे में डालती है."
‼️ هشدار فوری به استفادهکنندگان و مسافران قطارها در کشور ایران.
— ارتش دفاعی اسرائیل | IDF Farsi (@IDFFarsi) April 7, 2026
⭕️ شهروندان گرامی، به منظور امنیت شما، خواهشمندیم از این لحظه تا ساعت ۲۱:۰۰ به وقت ایران، از استفاده و سفر با قطار در سراسر ایران خودداری نمایید.
⭕️ حضور شما در قطارها و در مجاورت خطوط راهآهن جانتان را به خطر می… pic.twitter.com/Fm3BAAEFra
ईरान के 1.4 करोड़ लोगों ने जंग लड़ने के लिए वालंटियर किया- सरकारी मीडिया
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा जमीनी आक्रमण होने पर 1.4 करोड़ लोगों ने देश के लिए लड़ने के लिए वालंटियर किया है. यानी खुद से आगे आकर अपना नाम दिया है. सरकारी टीवी के इस दावे में कोई अन्य जानकारी शामिल नहीं है. इससे पहले 2 अप्रैल को ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर कालिबाफ ने दावा किया था कि 70 लाख लोगों ने जंग में शामिल होने के लिए स्वेच्छा से नाम दिया है.
बता दें कि ईरान की आवादी लगभग 9 करोड़ है. ईरान ने जनवरी में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों पर खूनी कार्रवाई की थी जिसमें हजारों लोग मारे गए थे और हजारों को हिरासत में लिया गया था.
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