- लेबनान के विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान पर हमले की स्थिति में इजरायल उनके देश पर तेज हमले शुरू कर सकता है
- इजरायल ने हिज्बुल्लाह और हमास के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ा है
- अमेरिका ने संभावित संघर्ष के कारण लेबनान से गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुलाने का आदेश दिया है
लेबनान को डर है कि अगर ईरान पर हमले शुरू होते हैं, वहां के हालात बिगड़ते हैं, तो इजरायल उसके ऊपर हमले कर सकता है. लेबनान के विदेश मंत्री ने मंगलवार, 24 फरवरी को कहा कि अगर ईरान के साथ तनाव बढ़ता है, तो इजरायल उनके देश के ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर हमला कर सकता है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल ने ईरान के समर्थन वाले संगठन हिज्बुल्लाह पर अपने हमले तेज कर दिए हैं. अमेरिका-ईरान तनाव के बीच, लेबनान की सेना ने आरोप लगाया कि इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान में उस जगह के पास गोलीबारी की, जहां वह नई चौकी बना रही थी. सेना ने कहा कि उसने अपने जवानों को जवाबी फायरिंग करने का आदेश दिया.
लेबनान के विदेश मंत्री यूसुफ रज्जी ने जेनेवा में पत्रकारों से कहा, “संकेत मिल रहे हैं कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो इजरायल बहुत बड़े हमले कर सकता है. इसमें एयरपोर्ट जैसे अहम ढांचे भी शामिल हो सकते हैं.” उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सेना की बड़ी तैनाती की है, जिससे लगता है कि वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ लंबा सैन्य अभियान चलाने के लिए तैयार है.
लेबनान के विदेश मंत्री रज्जी ने कहा, “हम कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं कि अगर जवाबी कार्रवाई भी हो, तो लेबनान के आम नागरिकों के ढांचे को निशाना न बनाया जाए.” लेबनान के मंत्री ने साफ कहा, “यह युद्ध हमारा नहीं है.”
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार एक लेबनानी अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर बात की. उसने कहा कि लोगों को डर है कि घटनाओं की एक कड़ी शुरू हो सकती है- पहले अमेरिका ईरान पर हमला करे, फिर हिज्बुल्लाह इजरायल पर जवाबी हमला करे, और उसके बाद इजरायल की ओर से बड़ा हमला हो.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रज्जी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हिज्बुल्लाह किसी नए संघर्ष में शामिल नहीं होगा और लेबनान को और तबाही से बचाएगा. उन्होंने यह भी कहा, “हमें चेतावनी मिली है कि अगर हिज्बुल्लाह ने हस्तक्षेप किया, तो इजरायल ढांचे पर हमला कर सकता है. हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा न हो.”
लेबनान पर इजरायली हमले
नवंबर 2024 में हुए युद्धविराम के बावजूद, इजरायल लेबनान में हमले करता रहा है. यह युद्धविराम ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के साथ एक साल से ज्यादा समय तक चली लड़ाई को रोकने के लिए हुआ था. इजरायल आमतौर पर कहता है कि वह हिज्बुल्लाह को निशाना बना रहा है. पिछले शुक्रवार भी इजरायल ने पूर्वी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों और दक्षिण में फिलिस्तीनी संगठन हमास से जुड़े ठिकानों पर घातक हमले किए थे.
हिज्बुल्लाह ने शनिवार को कहा कि उसके आठ लड़ाके मारे गए हैं और उसने “बदला” जारी रखने की कसम खाई. उसके नेता नईम कासिम ने पिछले महीने कहा था कि अगर तेहरान (ईरान की राजधानी) पर हमला होता है, तो इसे हिज्बुल्लाह पर हमला माना जाएगा.
बता दें कि सोमवार को अमेरिका ने अपने दूतावास, जो लेबनान की राजधानी बेरूत में है, से गैर-जरूरी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया था. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि ईरान के साथ संभावित संघर्ष की आशंका बढ़ गई है. मंगलवार को लेबनान की सेना ने कहा कि वह दक्षिणी सीमा पर एक नई निगरानी चौकी बना रही थी, तभी उस इलाके में इजरायल की तरफ से गोलीबारी की गई.
सेना ने कहा, “कमांड ने आदेश दिया कि चौकी को मजबूत किया जाए, वहीं डटे रहें और जवाबी फायरिंग करें.”
दूसरी तरफ इजरायल की सेना ने कहा कि उसने देखा कि लेबनानी सैनिक बिना पहले से तालमेल किए, उसकी सेना के पास चौकी बना रहे थे, और उसने उन्हें रुकने के लिए कहा. सेना के बयान में कहा गया, “जब हमारी बात का जवाब नहीं मिला, तो काम रोकने के लिए चेतावनी स्वरूप गोलीबारी की गई.”
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