जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है, खाड़ी क्षेत्र में सैन्य संघर्ष बढ़ता जा रहा है. पहले अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया, उसके सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया. जवाब में अब ईरान कुवैत से लेकर इजरायल तक हमला कर रहा है. ऐसे में अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने कहा है कि अमेरिका ईरान के विमान और ड्रोन रखने वाले हैंगरों को निशाना बना रहा है. अमेरिकी सेना ने हमलों की तस्वीरें और वीडियो जारी किए. इनमें दिखाया गया कि अमेरिकी सेना एक हैंगर में खड़े ड्रोन और विमानों पर बम गिरा रही है. अमेरिका का कहना है कि ईरानी शासन से पैदा होने वाले तुरंत खतरे को खत्म करने के लिए यह “कड़ा कदम” उठाया जा रहा है.
U.S. forces are taking bold action to eliminate imminent threats posed by the Iranian regime. Strikes continue. pic.twitter.com/z1x07D7APl
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 2, 2026
दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत भी जंग में उतरा
इतना ही नहीं US सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत USS गेराल्ड आर. फोर्ड भी अमेरिकी सेना के साथ ऑपरेशन में भाग ले रहा है. अमेरिका के चलाए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को सपोर्ट करते हुए USS गेराल्ड आर. फोर्ड पूर्वी भूमध्य सागर से विमान लॉन्च कर रहा है.
USS Gerald R. Ford (CVN 78), the world's largest aircraft carrier, is in the fight with U.S. forces supporting Operation Epic Fury – launching aircraft from the Eastern Mediterranean Sea. pic.twitter.com/olehL4htW4
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 2, 2026
बता दें कि अमेरिका और उसका सहयोगी इजराइल ने कई महीनों की तीखी बयानबाजी और असफल बातचीत के बाद ईरान पर मिलकर हमला शुरू किया. ईरान के बड़े शहरों, जैसे राजधानी तेहरान और इस्फहान, पर हुए हवाई हमलों से भारी नुकसान हुआ. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके बाद तेहरान ने बदला लेने की कसम खाई.

जवाब में ईरान ने वेस्ट एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों, जैसे संयुक्त अरब अमीरात और कतर, पर हमले किए. इसे संघर्ष को और फैलाने की कोशिश माना जा रहा है. ईरान यह संदेश देना चाहता है कि उसके दुश्मनों का साथ देने वालों को भी परिणाम भुगतने पड़ेंगे. इस संघर्ष से पूरे खाड़ी क्षेत्र में शांति बिगड़ गई है. यह क्षेत्र दुनिया के लगभग 50 प्रतिशत तेल भंडार का घर है, इसलिए इस तनाव के बड़े भू-राजनीतिक असर हो सकते हैं. दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, बंद कर दिया गया है. खाड़ी क्षेत्र के करीब 11 देशों ने अपना हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया है.
भारत भी इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है, क्योंकि खाड़ी में करीब 90 लाख भारतीय काम करते हैं. भारत की शीर्ष सुरक्षा समिति कैबिनेट सुरक्षा समिति ने सरकारी विभागों को निर्देश दिया है कि प्रभावित भारतीयों की मदद के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं. सरकार जरूरत पड़ने पर लोगों को निकालने की योजना भी बना रही है और सभी पक्षों से बातचीत फिर शुरू करने की अपील कर रही है.
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