
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के साजिशकर्ताओं को 'बचाने और पुरस्कृत करने' के आरोपों के संदर्भ में जवाब देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को 2 जनवरी तक का समय दिया है।
'सिख फॉर जस्टिस' (एसएफजे) की ओर से इस महीने की शुरुआत में सोनिया के खिलाफ संशोधित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें उन कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति देने के मामलों का हवाला दिया गया था जो सिख समुदाय के खिलाफ हमलों में कथित तौर पर शामिल थे।
एसएफजे ने दावा किया कि उसने न्यूयॉर्क स्लोआन केटरिंग अस्पताल के कर्मचारियों को अदालत का सम्मन दिया था, जहां इसी साल सितम्बर में सोनिया कथित तौर पर चिकित्सा जांच के लिए गई थीं।
अस्पताल और सोनिया ने सम्मन मिलने से इनकार किया है।
एसएफजे के विधि सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा कि सोनिया के खिलाफ 'एलियन टोर्ट क्लेम्स एक्ट एंड टॉर्चर विक्टिम प्रोटेक्शन ऐक्ट-1992' के तहत मुकदमा किया गया है। यह कानून दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने से संबंधित है।
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