
अमेरिका ने यमन की राजधानी सना के आसपास रविवार रात हवाई हमले शुरू किए. ये हमले सोमवार सुबह तक जारी रहे. इन हवाई हमलों में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यह जानकारी दी. इन हमलों से कितना नुकसान हुआ है और कितने लोग हताहत हुए हैं, इसकी अभी पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है. अमेरिका ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ 15 मार्च से अभियान शुरू किया था.
अमेरिका ने कहां बरसाए बम
इन हमलों से पहले अमेरिका ने शुक्रवार को सुबह भी हवाई हमले किए थे. हूती विद्रोहियों के खिलाफ 15 मार्च से शुरू किए गए अभियान में ये हमले अन्य दिनों की तुलना में अधिक भीषण प्रतीत होते हैं.हूती विद्रोहियों ने बताया कि सना के आसपास हुए हमलों में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार लोग घायल भी हुए हैं.
यमन के 'अल-मसीरा' समाचार चैनल ने जबरदस्त बम विस्फोटों के बाद मकानों में पड़े टूटे कांच के दृश्य दिखाए, लेकिन उसने हमलों के लक्ष्यों को नहीं दिखाया. इससे यह संकेत मिलता है कि हमले जिन स्थलों पर किए गए थे, वे सैन्य या खुफिया उद्देश्यों से जुड़े हो सकते हैं.
कौन हैं हूती
हूती यमन के अल्पसंख्यक शिया जैदी समुदाय का हथियारबंद समूह है.इसकी स्थापना हुसैन अल हूती ने 1990 के दशक में उस समय के राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए की थी. सैन अल हूती के नाम पर ही इस गुट का नाम पड़ा.
हूती फलीस्तीनी संगठन हमास, लेबनान के हिज्बुल्लाह ईरान समर्थित अन्य हथियारबंद संगठनों के साथ मिलकर इसराइल, अमेरिका और पश्चिमी देशों के खिलाफ अभियान चलाता है. ईरान इस तरह के गठबंधन को एक्सिस ऑफ रेजिटेंस या'प्रतिरोध की धुरी'कहता है. ईरान इन संगठनों को हथियार और पैसों से मदद करता है.
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