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अमेरिका और चीन में हो गई TikTok वाली डील, ट्रंप के हाथ में कैसे होगा कंट्रोल? 5 सवाल- जवाब

US-China TikTok Deal: अमेरिका में कानून बनने के कारण टिकटॉक पर बैन लगने का खतरा था क्योंकि उसे एक चीनी कंपनी चला रही थी.

अमेरिका और चीन में हो गई TikTok वाली डील, ट्रंप के हाथ में कैसे होगा कंट्रोल? 5 सवाल- जवाब
US China TikTok Deal: अमेरिका को अमेरिका के स्वामित्व वाला TikTok मिल गया है.
  • टिकटॉक ने अमेरिका में नया ज्वाइंट वेंचर स्थापित किया है जिसमें बहुसंख्यक स्वामित्व अमेरिकी कंपनियों के पास है
  • अमेरिका ने चीनी स्वामित्व वाली बाइटडांस कंपनी को अमेरिकी ऑपरेशन बेचने या बैन का सामना करने का विकल्प दिया था
  • बाइटडांस ने ज्वाइंट वेंचर में अपनी हिस्सेदारी 19.9 % रखी है और अमेरिकी कंपनियों के पास 50 % से अधिक शेयर हैं
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अब अमेरिका में भी टिकटॉक चल सकेगा. टिकटॉक ने गुरुवार, 23 जनवरी को घोषणा की कि उसने अपने अमेरिकी कारोबार को चलाने के लिए ज्वाइंट वेंचर स्थापित किया है, जिसमें बहुसंख्यक स्वामित्व यानी 50% से अधिक शेयर अमेरिकी कंपनियों के हाथ में है. दरअसल अमेरिका में कानून बनने के कारण टिकटॉक पर बैन लगने का खतरा था क्योंकि उसे एक चीनी कंपनी चला रही थी. लेकिन अब अमेरिका में जो टिकटॉक चलेगा, उसे चलाने वाले इस नए ज्वाइंट वेंचर में बहुसंख्यक स्वामित्व अमेरिकी कंपनियों के पास है. इस तरह उसे बैन से बचने की अनुमति मिल जाएगी.

Q- ज्वाइंट वेंचर कैसे काम करेगा?

टिकटॉक ने कहा कि इस ज्वाइंट वेंचर का नाम  USDS Joint Venture LLC होगा. यह अमेरिका के डेटा को सुरक्षित रखने, उसके एल्गोरिदम को सुरक्षित रखने और कंटेंट मॉडरेशन के लिए सख्त सुरक्षा उपायों को लागू करते हुए अमेरिका के 20 करोड़ से अधिक यूजर्स और 75 लाख बिजनेस को सेवा प्रदान करेगा.

Q- अमेरिका ने टिकटॉक को कैसे मजबूर किया?

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार के समय वहां एक कानून बनाया गया था. इस कानून के तहत चीनी स्वामित्व वाली बाइटडांस कंपनी के सामने दो विकल्प रखे गए थे- या तो वह अपने अमेरिकी ऑपरेशन को अमेरिका की कंपनी को बेच दे या वहअपने सबसे बड़े बाजार (अमेरिका) में बैन का सामना करे.

Q- अमेरिका में टिकटॉक को किसने खरीदा?

टिकटॉक की पैरेंट कंपनी (चीनी कंपनी) बाइटडांस ने इस ज्वाइंट वेंचर में 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार रखी है. अमेरिकी कानून के अनुसार उसे अपनी हिस्सेदारी 20 प्रतिशत की सीमा से नीचे ही रखनी थी. इसके अलावा इसमें तीन निवेशक हैं. अमेरिका से सिल्वर लेक और ओरेकल जबकि अबू धाबी से एआई निवेश फंड एमजीएक्स. तीनों के पास 15-15 प्रतिशत हिस्सेदारी है. ओरेकल के कार्यकारी अध्यक्ष लैरी एलिसन लंबे समय से ट्रंप के सहयोगी हैं.

अन्य निवेशकों में डेल फैमिली ऑफिस, सस्कुहन्ना इंटरनेशनल ग्रुप और जनरल अटलांटिक के सहयोगी और कई अन्य निवेश फर्म शामिल हैं. 

Q- इस नए डील से क्या होगा?

अमेरिका में अब जो टिकटॉक चलेगा, उसे चलाने वाले ज्वाइंट वेंचर में कंट्रोलिंग शेयर यानी 50 प्रतिशत से अधिक शेयर अमेरिकी कंपनियों के पास है. अब अमेरिका के बास ही अपने यूजर्स के लिए विश्वास और सुरक्षा नीतियों और कंटेंट मॉडरेशन पर निर्णय लेने का अधिकार रहेगा, जबकि टिकटॉक की वैश्विक संस्थाएं ई-कॉमर्स और विज्ञापन सहित इंटरनेशनल कंटेंट इंटिग्रेशन और वाणिज्यिक गतिविधियों का प्रबंधन करेंगी.

टिकटॉक ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत, अमेरिकी यूजर्स के डेटा को ओरेकल के सुरक्षित क्लाउड में जमा किया जाएगा. किसी तीसरे पक्ष के विशेषज्ञों द्वारा साइबर सुरक्षा का ऑडिट किया जाएगा और संघीय मानकों का पालन किया जाएगा.

Q- राष्ट्रपति ट्रंप ने डील पर क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रंप ने इस डील का स्वागत किया और इसका श्रेय भी लिया. लेकिन साथ ही इसे मंजूरी देने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को धन्यवाद भी दिया. ट्रंप ने गुरुवार की देर रात (अमेरिकी समयानुसार) ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, "मैं टिकटॉक को बचाने में मदद करके बहुत खुश हूं! अब इसका स्वामित्व महान अमेरिकी देशभक्तों और निवेशकों के एक समूह के पास होगा, जो दुनिया में सबसे बड़ा है, और एक महत्वपूर्ण आवाज होगी."

उन्होंने कहा, "मैं हमारे साथ काम करने और अंततः समझौते को मंजूरी देने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी को भी धन्यवाद देना चाहूंगा."

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