5 Fiber Rich Foods: वो कहते है न पेट सफा तो हर रोग दफा. जब तक पेट साफ नहीं होता, तब मूड ठीक नहीं रहता क्योंकि साफ पेट इम्यूनिटी को बूस्ट करने, मेंटल हेल्थ को ठीक रखने और शरीर में सूजन को कम करने में मदद करता है. यही कारण है आंत को अक्सर 'दूसरा मस्तिष्क' कहा जाता है. कई बार हम फाइबर भी खा रहे होते हैं, लेकिन कुछ असर दिख नहीं पाता. इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में, AIIMS, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने कुछ फाइबर से भरपूर चीजों के बारे में बताया है जिनका नियमित रूप से सेवन किया जाए, तो डॉक्टर के पास भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

एक बार में पेट साफ नहीं होता है क्या करें?
हल्के हरे केले: केले में रेज़िस्टेंट स्टार्च होता है, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने, ब्लड शुगर को स्थिर रखने और पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है. डॉ. सेठी रोज़ एक मीडियम केला खाने की सलाह देते हैं और हल्के हरे (पूरी तरह पके नहीं) केले चुनने को कहते हैं.
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चिया सीड्स: चिया सीड्स में घुलनशील फाइबर होता है, जो पेट में जेल बनाता है. यह पाचन को धीमा करता है, पेट भरने का एहसास देता है और शौच को नियमित रखने में मदद करता है. डॉक्टर 1–2 चम्मच चिया सीड्स रोज़ लेने की सलाह देते हैं, जिन्हें दही या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है.
दालें: दालों में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर, पौधे आधारित प्रोटीन और माइक्रोबायोम के लिए ज़रूरी पोषक तत्व होते हैं, डॉ. सेठी हफ़्ते के ज़्यादातर दिनों में ½ से 1 कप पकी हुई दालें या लेग्यूम्स खाने की सलाह देते हैं.
बेरीज़: बेरीज़ खासकर ब्लूबेरी या रास्पबेरी फाइबर और पॉलिफेनॉल का बेहतरीन स्रोत हैं, इनमें एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं. डॉ. सेठी रोज़ ½ से 1 कप बेरीज़ खाने का सुझाव देते हैं.
नट्स: अखरोट और बादाम जैसे नट्स में फाइबर और स्वस्थ वसा होती है, ये पेट भरे होने का एहसास, मेटाबॉलिक स्वास्थ्य और आंतों में अच्छे माइक्रोब्स की विविधता को बढ़ाते हैं. डॉ. सेठी रोज़ लगभग ¼ कप नट्स खाने की सलाह देते हैं.
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