- पाकिस्तान कंगाली के हालात से गुजर रहा है. इस बीच यूएई से कर्ज के पैसे वापस मांग लिए हैं
- यूएई के लोन के पैसे वापस मांगने पर पाकिस्तान तिलमिला गया है
- लोन वापस मांगने पर पाकिस्तानी नेता ने यूएई को अखंड भारत को लेकर नसीहतें दे दीं
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले से ही वेंटिलेटर पर है लेकिन उसकी अकड़ कम होने का नाम नहीं ले रही. जिस संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मुश्किल वक्त में पाकिस्तान का हाथ थामा और डूबती अर्थव्यवस्था को सहारा दिया, आज उसी के प्रति इस्लामाबाद ने 'एहसान फरामोशी' दिखाई है. यूएई ने जब अपने कर्ज के पैसे वापस मांगे तो पाकिस्तान सीनाजोरी पर उतर आया. कर्ज के लिए आभार जताने के बजाय पाक नेता अब यूएई को ही नसीहतें और तंज कस रहे हैं.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि वह संयुक्त अरब अमीरात से लिए गए 3.5 बिलियन डॉलर के मैच्योर्ड लोन डिपॉजिट वापस करेगा. ये वो पैसे थे जो द्विपक्षीय वाणिज्यिक समझौतों के तहत पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता के लिए यूएई ने उसके पास रखे थे. पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक (स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान) के गवर्नर जमील अहमद को उम्मीद थी कि यूएई इस कर्ज की अवधि को आगे बढ़ा देगा (रोल ओवर कर देगा), लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
पूर्व मंत्री का एहसान फरामोशी वाला बयान
कर्ज चुकाने की मजबूरी और यूएई के दबाव से तिलमिलाए पूर्व पाकिस्तानी मंत्री मुशाहिद हुसैन ने एक विवादित बयान देकर आग में घी डालने का काम किया है.
उन्होंने यूएई की मदद करने का ढोंग रचते हुए तंज कसा कि पाकिस्तान ने पैसे लौटाने का सही फैसला लिया है क्योंकि यूएई को इसकी ज्यादा जरूरत है. मुशाहिद ने कहा कि यूएई ने डोनाल्ड ट्रंप को भारी निवेश दिया है और वह यमन और सूडान जैसे युद्धों में फंसा हुआ है, इसलिए उसे पैसों की दरकार है.
पूर्व पाकिस्तानी मंत्री ने पैसे लौटाने की बात में यूएई के लिए बार-बार 'बेचारा' शब्द का इस्तेमाल किया है. इतना ही नहीं, मुशाहिद हुसैन ने यूएई को 'अखंड भारत' का डर दिखाते हुए कहा, "यूएई की कुल एक करोड़ की आबादी में 43 लाख लोग हिंदुस्तानी हैं. ऐसे में यूएई को ख्याल रखना चाहिए कि कहीं वह भी 'अखंड भारत' का हिस्सा न बन जाए."
[Such people are called “Namak Haram.”]
— برهان الدین | Burhan uddin (@burhan_uddin_0) April 6, 2026
Senator Mushahid Hussain mocked the UAE on TV for asking Pakistan to repay its loans, even claiming Dubai “needs money because Iran ruined its economy.”
Despite the UAE giving Pakistan billions in aid and loans, this Namak Haram attitude… pic.twitter.com/0CZU91CP61
कर्जदारों से घिरा है पाकिस्तान
पाकिस्तान के लिए यह स्थिति किसी बुरा सपना से कम नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस भुगतान से पाकिस्तान में एक बड़ा 'वित्तीय अंतर' पैदा होगा, जिससे निपटना शहबाज सरकार के लिए नामुमकिन जैसा है.
पाकिस्तान की पूरी अर्थव्यवस्था फिलहाल चीन, सऊदी अरब और यूएई से मिले कर्ज पर टिकी हुई है. ये देश हर साल कर्ज की अवधि बढ़ा देते थे, जिससे पाकिस्तान का काम चलता रहता था. लेकिन अब यूएई के अचानक पैसे वापस मांग लिए हैं.
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