अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व मैगजीन राइटर ई. जीन कैरोल के बीच सालों से चली आ रही कानूनी जंग में एक नया और बड़ा मोड़ आया है. ट्रंप को आखिरकार यौन उत्पीड़न और मानहानि केस में तय की गई हर्जाना राशि का भुगतान करना पड़ा है. कोर्ट के आदेश के बाद ई. जीन कैरोल के वकीलों के खाते में 56,25,005.48 डॉलर की रकम ट्रांसफर कर दी गई है. इस रकम में जूरी की ओर से तय हर्जाना और उस पर बना ब्याज दोनों शामिल हैं.
यह भुगतान जज लुईस कपलान के उस आदेश के बाद हुआ, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने इस मामले की सुनवाई की मांग की थी.
भुगतान रोकने की आखिरी कोशिश भी हुई नाकाम
जब वहां बात नहीं बनी, तो ट्रंप की लीगल टीम ने शुक्रवार को फेडरल अपील्स कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने अपील की कि यदि पैसा ट्रांसफर हो चुका है तो कोर्ट इस पर तुरंत स्टे लगाए या फिर से पैसों को कोर्ट के कंट्रोल वाले अकाउंट में जमा कराने का आदेश दे. लेकिन अपील्स कोर्ट ने इससे पहले लगाई गई इमरजेंसी स्टे की मांग को खारिज कर दिया था और उनकी नई कोशिश पर भी कोई राहत नहीं दी.
कैरोल इन पैसों का क्या करेंगी?
कोर्ट फाइलिंग में ई. जीन कैरोल के वकीलों ने साफ किया है कि वह इस पैसे का इस्तेमाल अपनी रिटायरमेंट के लिए करेंगी. फिलहाल, इस पूरी रकम को एक ब्याज देने वाले अकाउंट में तब तक रखा जाएगा, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट ट्रंप की पुनर्विचार याचिका को पूरी तरह से खारिज नहीं कर देता.
कैरोल की वकील रोबर्टा कपलान ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "तीन साल पहले, नौ सदस्यों वाली जूरी ने सर्वसम्मति से डोनाल्ड ट्रंप को ई. जीन कैरोल का यौन उत्पीड़न करने और मानहानि का दोषी पाया था. आज हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि जूरी के उस फैसले के तहत तय किया गया हर्जाना कैरोल को मिल गया है."
बता दें कि 82 वर्षीय कैरोल को यह पूरी राशि मिलेगी, क्योंकि उनके वकीलों ने कंटिंजेंसी बेसिस पर काम किया था और वे हर्जाने की राशि में से कोई लीगल फीस नहीं लेंगे.
क्या था पूरा मामला?
ट्रंप पहले ट्रायल के दौरान कोर्ट में मौजूद नहीं रहे, लेकिन सार्वजनिक तौर पर आरोपों को पूरी तरह नकारते रहे. मई 2023 में जूरी ने ट्रंप को यौन उत्पीड़न और मानहानि का दोषी माना. जूरी ने कैरोल को 50 लाख डॉलर का हर्जाना देने का फैसला सुनाया था.
फैसले के अगले ही दिन सीएनएन (CNN) के एक टाउन हॉल कार्यक्रम में ट्रंप ने कैरोल को पागल कहा और उनके आरोपों को पूरी तरह से फर्जी बताया. कैरोल ने तुरंत अपने केस में इन नए बयानों को भी जोड़ दिया.
दूसरी बार ट्रायल के दौरान ट्रंप खुद कोर्ट में मौजूद रहे और उन्होंने संक्षिप्त गवाही भी दी. हालांकि, जूरी ने ट्रंप की ओर से 2019 में दिए गए बयानों को भी मानहानिकारक माना और इस बार कैरोल को 83 मिलियन डॉलर (8.3 करोड़ डॉलर) का भारी-भरकम हर्जाना देने का आदेश सुनाया.
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