- रूस भारत-अमेरिका दोस्ती से परेशान नहीं है और नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देती रहेगी
- पुतिन ने कहा कि रूस भारत को एक विश्वसनीय साझेदार मानता है और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा
- रूस और भारत का व्यापारिक कारोबार 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है और इसके लिए सभी शर्तें मौजूद हैं
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वर्तमान में इसकी एक प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि दर है. रूस के साथ सहयोग सहित कई मुद्दों पर भारत पर अमेरिका दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, रूसी राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना जारी रखेगी. उन्होंने कहा, ‘‘सभी यह समझ चुके हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत पर दबाव डालने का कोई असर नहीं पड़ता है.''
अमेरिका को पुतिन की खरी-खरी
स्पुतनिक इंडिया के अनुसार, पुतिन ने आगे कहा, 'उदाहरण के लिए, अमेरिका रूस के साथ सहयोग के मामले में भारत पर दबाव डालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन नरेंद्र मोदी के लोकतंत्र पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए हानिकारक है. यह दबाव चाहे कहीं से भी आए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.'
🚨President Putin sends message to the US about India and PM Modi:
— Sputnik India (@Sputnik_India) June 4, 2026
“The US is trying to pressure India, for example, when it comes to cooperation with Russia. But putting pressure on Narendra Modi's democracy is detrimental for international relations. It doesn't matter where… pic.twitter.com/F6PKnoJOIe
रूस को भारत-अमेरिका दोस्ती से दिक्कत नहीं
पीटीआई के एक सवाल के जवाब में रूसी राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना जारी रखेगी, और कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ भारत की राजनयिक भागीदारी रूस के साथ उसके सदियों पुराने संबंधों में बाधा नहीं डालती या उन्हें कमजोर नहीं करती. जब पुतिन से पूछा गया कि क्या वाशिंगटन के साथ भारत का गहरा जुड़ाव रूस के लिए संरचनात्मक तनाव पैदा करता है, तो उन्होंने कहा, "हमें खुशी है कि भारत उन सभी देशों के साथ अपने संबंध विकसित कर रहा है जिन्हें वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए महत्वपूर्ण मानता है."
साथ ही, रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस के साथ सहयोग के मामले में पश्चिमी देशों द्वारा दबाव डालने के प्रयास किए गए हैं. उन्होंने कहा, "सभी को यह समझ में आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत पर दबाव डालने का कोई असर नहीं होता है." रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस भारत को एक "विश्वसनीय साझेदार" मानता है और उसे किसी भी अन्य देश के साथ नई दिल्ली के द्विपक्षीय संबंधों से कोई नकारात्मक परिणाम नहीं दिखता. उन्होंने कहा, "भारत एक महान राष्ट्र और लोकतंत्र है और रूस इसके साथ अपने संबंधों का विस्तार करना जारी रखेगा."
100 अरब डॉलर तक पहुंचेगा भारत-रूस कारोबार
पुतिन ने यह भी कहा कि रूस और भारत आने वाले वर्षों में 100 अरब डॉलर के व्यापारिक कारोबार तक पहुंच जाएंगे, और इससे भी अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक शर्तें मौजूद हैं. पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच में अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ एक बैठक में कहा, "हमें मिलकर बहुत काम करना है. हमें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हम व्यापार में 100 अरब डॉलर का आंकड़ा छू लेंगे. फिलहाल यह लगभग 60-58 अरब डॉलर है, लेकिन हमारे पास और अधिक सक्रिय रूप से काम करने और अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी आवश्यक तत्व मौजूद हैं."
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